
अभी भी वक़्त है सरकार बहाल करे पुरानी पेंशन योजना तथा F I R को वापिस ले : इन्द्र सिंह भासरा
चम्बा- भूषण गुरुंग
पुरानी पेंशन की बहाली का मुद्दा इस समय संपूर्ण हिमाचल में छाया हुआ है I एक लंबे समय से संघर्षरत न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ अपने अधिकारों की लड़ाई में दिन रात डटा है गौरतलब है कि तीन मार्च को शिमला में ऐतिहासिक धरने के बाद ये मुद्दा और ज्यादा गरमा गया है I सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को हर मंच पर उठाया है लेकिन मौजूदा सरकार से कर्मचारियों को इस मुद्दे पर निराशा ही हाथ लगी हैI
मीडिया से विशेष बातचीत के, दोरान ब्लॉक अध्यक्ष सिहुंता जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश इन्द्र सिंह भासरा ने बताया कि, सरकारी कर्मचारियों ने पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के बैनर तले पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मुहिम को हर बार पूर्ण रूप से अनुशासित तरीके से उठाया हैI उन्होंने बताया कि मंडी से शिमला पदयात्रा इसका एक साक्षात उदाहरण है हजारों की संख्या में यह पदयात्रा मंडी से शिमला कई दिनों का पैदल सफर करने के बाद पहुंची थीI
संपूर्ण हिमाचल प्रदेश से हर विभाग के कर्मचारी लगभग एक लाख की संख्या में शिमला माननीय मुख्यमंत्री महोदय से सिर्फ एक निवेदन करने के लिए पहुंचे थे कि उनको बुढापे की लाठी वापस कर दी जाए अर्थात पुरानी पेंशन बहाल की जाए, लेकिन शिमला में मुख्यमंत्री महोदय के प्रांगण में लाठीयों, पानी की बौछारों से उन सबको दंडित किया गया जो कि अत्यंत दुर्भग्यपुरण थाI
ब्लॉक अध्यक्ष सिहुंता इंदर सिंह भासरा ने बताया कि कर्मचारी वर्ग मुख्यमंत्री महोदय के पास एक मांग को लेकर गया था लेकिन बदले में महासंघ के पदाधिकारियों पर F I R की गईI जिससे प्रदेश का हर कर्मचारी आहत हुआ हैI शांतिपूर्वक तरीके से रोष प्रकट करना किसी भी नागरिक या कर्मचारी का संवैधानिक अधिकार हैI इसी की कड़ी में 16 मार्च को हिमाचल प्रदेश के हर एक खंड में कैंडल मार्च निकाला तथा सरकार के समक्ष रोष प्रकट कियाI
हिमाचल प्रदेश के हर कर्मचारी ने इस कैंडल मार्च को हिस्सा बनेI अंत में उन्होंने सरकार को चेताया कि महासंघ ऐसी हरकतों से परेशान होने वाला नहीं हैI वो तब तक संघर्ष करता रहेगा जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं कर दी जाती।
इस मौके पर राज्य सचिव संजीव ठाकुर राज्य कार्यकारणी सदस्य नीरज चौहान, जिला कार्यकारणी सदस्य कुलदीप कुमार, ब्लाक महासचिव मनोज चंद्रा, ब्लाक सिहुंता कोषाध्यक्ष पवन ड़ड़वाल के अलावा सभी विभाग के लगभग 200 लोगो ने इस कैंडल मार्च में भाग लिया।
