हिमाचल बजट सत्र: शराब मामले में सदन में सीएम जयराम ठाकुर और मुकेश अग्निहोत्री में तीखी नोकझोंक

--Advertisement--

Image

शिमला- जसपाल ठाकुर

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही सुबह 11 बजे दो दिवंगत विधायकों कश्मीरी लाल जोशी और चमन लाल गाचली के शोकोद्गार प्रस्ताव पर चर्चा से शुरू की गई। करीब 11 बजकर 43 मिनट तक सदन में शोकोद्गार प्रस्ताव पर दोनों ओर के विधायकों ने अपने-अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए। इसके बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ। विपक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने पर सदन में शांति बनाए रखी।

इसके बाद मंत्री विधायकों के सवालों के जवाब देते रहे। हालांकि करीब 11 बजकर 58 मिनट पर जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित सवाल और अन्य मसलों से संबंधित सवाल पर सदन गरमा गया। विपक्ष ने सरकार को इस मामले में निशाने पर लिया कि राज्य सरकार गंभीर नहीं है। हालांकि मंत्री मारकंडा के जवाब देने के लिए उठने पर कुछ शांति हुई।

प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपत्रा मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार पर विधायकों की जासूसी का आरोप लगाया। पेगासस मिला क्या, इन्होंने पीएसओ भी पेगासस बना लिए। सर्विलेंस अपराधियों का होता है। अगर आप ऐसा करेंगे तो सही नहीं हैं। आपको सत्तापक्ष के विधायकों पर भी विश्वास नहीं है। जिस भी अधिकारी ने विधायक की जासूसी का मैसेज किया है उस पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण विषय विधायकों से जुड़ा है। ऐसे आदेश निर्देश कहीं भी नहीं हुए हैं।

आपने जहां से ये मैसेज लिया है। स्रोत कितना विश्वनीय है, मालूम नहीं। पुलिस मुख्यालय से बीसों बार मैसेज आता था। फोन करते थे। जब हम विधायक थे। पीएसओ तो सबसे रिलायबल होता है। अगर फिर भी ऐसा कुछ है तो पीएसओ ने पुलिस विभाग के लिए कम और विधायक के लिए ज्यादा वफादारी दिखाई है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो ये गैर जिम्मेदाराना है। अगर इसमें सच्चाई पाई तो कारवाई करेंगे। रूटीन में मैसेज किए जाते हैं। सरकार को विधायक की सुरक्षा की जिम्मेवारी है।

मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना के विधायक सतपाल रायजादा का मामला भी उठाया। कहा कि रायजादा के पास पीएसओ नहीं हैं। उनके स्टाफ को ही बोल दिया कि वे विधायक की जानकारी देते रहें। सीआईडी फंड से मदद करेंगे। कांग्रेस विधायक रायजादा ने भी कहा – ऐसा ही करना है तो हमें पीएसओ दिया जाए। इस तरह से विधायक की रेकी न की जाए। सीएम बोले – विधायक को जिस पर विश्वास हो वही पीएसओ दिया जाता है। अनेक बार विधायकों को काले झंडे दिखाए जाते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए सूचना ली जाती है। इसके बाद सदन में माहौल शांत हुआ।

मुख्यमंत्री ने ऊना पटाखा फैक्ट्री मामले में सदन में वक्तव्य दिया। कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। छह लोगों की मौत हो गई। 14 घायल हुए हैं। आने वाले वक्त में ऐसी घटना न हो इसके लिए इंडस्ट्रियल एरिया में सभी विभागों को नजर रखने को कहा गया है। हर तरह से जांच हो रही है। उद्योग, लेबर और पुलिस महकमों को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे भविष्य में ऐसी घटना न होने दें। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि छह लोग ज़िंदा जल गए। यह बड़ी घटना है।

ऊना पटाखा फैक्ट्री मामले में कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पेट्रोल पंप भी लगे, उसके लिए एक्सप्लोसिव का लाइसेंस चाहिए। एक्प्लोसिव एक्ट के तहत भी अफसरों पर कार्रवाई करें। उद्योग मंत्री बोले- जो भी वहां हुआ है, वह गलत हुआ है। न तो बिजली न पानी का कनेक्शन। आवेदन ही नहीं किया। इसमें ईज ऑफ डूइंग पर उंगली उठाना सही नहीं।

धारा 118 के तहत नोवाटेक इंजीनियर नाम से आवेदन हुआ। विभाग से बातचीत भी की है। किसी भी प्रकार की किसी भी महकमे से अनुमति नहीं है। वहां के सरपंचों और प्रतिनधियों को सूचित करना चाहिए था। ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में ऐसा कहीं नहीं कहा कि बगैर परमिशन के ऐसे उद्योग चलाएं। इसी सदन के समय में जिस पर कार्रवाई हुई। सदन में बताएंगे। मुकेश भी उद्योग मंत्री रहे हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जिस लहजे से उद्योग मंत्री बात रख रहे हैं, सही नहीं है। पंचायत नहीं, इसे तंत्र ने देखना है कि इतना विस्फोटक कहां से आया। नोवाटेक तो यहां पर धर्मकांटे बनाता था। उसका ये काम बंद हो गया। जयगुरु का मामला है यह नोवाटेक का नहीं है। इसे 2019 को 118 की मंजूरी दी गई।

सदन में सीएम जयराम ठाकुर और मुकेश अग्निहोत्री में तीखी नोकझोंक हुई। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि शराब मामले में रंगीलू आपकी पार्टी का प्राथमिक सदस्य था। आपका तो महासचिव था, आपके कई नेताओं ने तो उसका टिकट भी पक्का कर दिया।  सीएम जयराम ने कहा कि हमने तो ऐसी कार्रवाई की जिसका एक बड़ा संदेश गया है, मध्य प्रदेश से भी आरोपी खोजकर लाए।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक्साइज विभाग मुख्यमंत्री के पास है, ठेकों की नीलामी नहीं की जा रही। सीएम जयराम ने कहा कि आपने सत्ता से हटने के बाद एक्साइज विभाग पर 150 करोड़ का घाटा छोड़ा। सीएम जयराम ने कहा कि अंदर बहुत भरा पड़ा है। आपके आदमी करना चाहेंगे तो नहीं करने देंगे, हमारे भी चाहेंगे तो नहीं करने देंगे

अधिसूचना का विरोध किया

भीतर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधानसभा के गेट पर देवभूमि क्षत्रिय संगठन और सवर्ण संगठनों के नेता जुटे। सवर्ण नेता रुमित ठाकुर और अन्य ने सरकार की ओर से सामान्य वर्ग आयोग की अधिसूचना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस बारे में अधिसूचना नहीं, एक्ट निकालना चाहिए। यह अधूरा काम किया गया है। आयोग के सदस्यों की नियुक्ति के जिस तरह से नियम बनाए हैं, उससे भी साफ है कि केवल राजनीतिक नियुक्तियां ही होने वाली हैं। इससे आयोग की स्वायत्तता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सवर्ण संगठनों को विश्वास में लेना चाहिए।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल SDRF ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार जीता नैशनल स्ट्रक्चर रैस्क्यू का खिताब

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने...

जब पति को छुड़ाने के लिए थाने की छत पर चढ़ गई नशे में धुत्त पत्नी, फिर अचानक फिसला पैर और पुलिस के सामने...

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू के पुलिस...

पुरानी रंजिश में हुई भेड़पालक की हत्या, स्थानीय युवक निकला कातिल; पुलिस ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्री

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल...

हिमाचल में दिखा इतना लंबा अजगर, वीडियो देखते ही आपके भी उड़ जाएंगे होश; लोगों को सतर्क रहने की सलाह

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला स्थित चिंतपूर्णी क्षेत्र...