पुरानी पेंशन बहाली हेतु बजट तय करे सरकार

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शिमला-जसपाल ठाकुर

प्रदेश सरकार ने वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों वेतन बढ़ाने के लिए जो विकल्प दिए हैं , उनके साथ पुरानी पेंशन बहाली की व्यवस्था हेतु भी बजट प्रावधान किया जाए । पुरानी पेंशन बहाली के लिए अनुमानित 500 करोड़ का खर्च आएगा और प्रदेश सरकार वेतन आयोग के लाभ का बजट बनाते हुए पुरानी पेंशन बहाली की व्यवस्था करे । कर्मचारी पुरानी पेंशन को वेतन आयोग के लाभ की तरह अनिवार्य रूप से दिए जाने की मांग कर रहे हैं ।

प्रदेश सरकार ने 21 प्रतिशत अन्तरिम राहत पहले ही प्रदान कर दी है जिसके चलते एरियर का बोझ काफी घट चुका है । वेतन आयोग के विकल्प 2.25, 2.59 और 113 प्रतिशत डीए अनुसार 15 प्रतिशत वेतन बढ़ाने के विकल्पों से कर्मचारियों के वेतन में इतनी ज्यादा वृद्धि नहीं हो रही है कि सरकारी खजाने पर वह बोझ हो जाए । ऐसे में आरंभिक वेतन पंजाब की तर्ज़ पर देने का व्यय भी 1100 करोड़ होगा और प्रदेश सरकार इस मामले में वित्तीय प्रबंधन को सुचारू करते हुए पुरानी पेंशन की वित्त सत्र 2022-23 से बहाली का 500 करोड़ बजट रिज़र्व करके पुरानी पेंशन बहाल कर सकती है ।

यह मांग टीजीटी कला संघ ने प्रदेश मुख्यमंत्री व वित्त सचिव सहित मुख्य सचिव को प्रेषित मांग-पत्र में की है । संघ महासचिव विजय हीर ने बताया कि वेतन आयोग के बजट आकार में पुरानी पेंशन बहाली बजट समायोजित करने की गुंजाईश है और प्रदेश सरकार को इस अवसर का लाभ उठाकर पुरानी पेंशन बहाली को तन आयोग के विकल्प 2.25, 2.59 और 113 प्रतिशत डीए अनुसार 15 प्रतिशत वेतन बढ़ाने के विकल्पों के साथ जोड़ना चाहिए ताकि पुरानी पेंशन लाभ नए वेतन आयोग के साथ बहाल हो सके । बजट सत्र में इसके लिए प्लानिंग की जाए ।

इसके अलावा राईडर व प्रोबेशन की समाप्ति , वेतन आयोग में हायर ग्रेड पे शिफ्ट करने हेतु उचित नियम बनाने , एरियर देने की योजना , पेंशनर्स को वेतन आयोग लाभ की अधिसूचना करने , स्कूलों को शीघ्र खोलने और पंजाब की तर्ज़ पर आरंभिक वेतन निर्धारण हेतु निर्णय 31 जनवरी की कैबिनेट बैठक में लेने की मांग संघ ने सरकार को भेजी है ।

इसके अलावा संघ ने केंद्रीय वित्त मंत्री को भी ज्ञापन भेजा है कि कर्मचारियों को टैक्स छूट हेतु स्टैण्डर्ड डिडक्शन की सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख की जाए और पुराने टैक्स रिजाईम को बरकरार रखा जाए ।

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