
कोटला- स्वयंम
पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ साधू राम राणा ने प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस चौकी कोटला आजादी से पूर्व 1926 में स्थापित हुई थी जो आज भी पुलिस चौकी के रूप में स्थापित है जबकि इसके उपरांत अनेकों बनी पुलिस चौकियों को पुलिस थानों का दर्जा दिया जा चुका है।
साधू राम राणा सहित पूर्व पंचायत समिति सदस्य कुठहेड़ राजेश शर्मा पूर्व उपप्रधान पंचायत जांगल मदन पठानियां पूर्व पंचायत प्रधान पंचायत नढोली रामेश्वर परमार उपप्रधान पंचायत सिहुणीं गगन समयाल पूर्व पंचायत समिति सदस्य भाली अशोक कुमार पूर्व पंचायत प्रधान पंचायत त्रिलोकपुर ऊषा गुलेरिया मेघ राज जसवाल आदि ने कहा कि पुलिस चौकी कोटला के अधीनस्थ पंद्रह पंचायतें होने और नैशनल हाइवे पर होने के कारण काम काज का अधिक बोझ रहता है और पुलिस थाना से संबंधित समस्त कार्यों केलिए पुलिस थाना जबाली में जाना पड़ता है जिससे समय की बरबादी और पैसों का बोझ जनता को झेलना पड़ रहा है।
पुलिस चौकी कोटला के अधीनस्थ मुख्य राष्ट्रीय सड़क पर हो रही सड़क दुघर्टनाओं का जिम्मा भी पुलिस चौकी कोटला पर होने एवं पंद्रह पंचायतों में रोजमर्रा की शिकायतों को सुलझाने में अधिकतम पुलिस कर्मियों की जरुरत की भरपाई करने केलिए पुलिस चौकी कोटला को जनहित में पुलिस थाना का दर्जा दिया जाना अति अनिवार्य है।
अतः माननीय विधायक अर्जुन ठाकुर सहित सरकार से मांग की जाती है कि आगामी विधानसभा सत्र में पुलिस चौकी कोटला का दर्जा बढ़ा कर पुलिस थाना किया जाए ताकि पुलिस संबंधी कार्यों केलिए कोटला बैल्ट की पंद्रह पंचायतों के बाशिंदों को जबाली के चक्कर लगाने से निजात मिल सके।
