धर्मशाला में 18 करोड़ से बनने वाला स्‍मार्ट रोड, आखिर क्‍यों घिरा विवाद में?

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धर्मशाला- राजीव जस्वाल

स्मार्ट सिटी परियोजना धर्मशाला की ओर से बनाया जा रहा स्मार्ट रोड बनने से पहले ही विवादों में घिर गया है। कारण यह नहीं है कि पैसा नहीं है या फिर ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है। बल्कि कारण यह है कि काम तो शुरू करवा दिया है, 15 माह का समय भी कार्य के लिए तय कर दिया गया है, लेकिन औपचारिकताएं अधूरी हैं। विभागीय तालमेल की कमी होने के कारण काम लटकता जा रहा है। 15 माह में काम पूरा होना था, लेकिन शेष ढाई माह का समय बचा है, जिसमें काम पूरा होना संभव नहीं है।

ठेकेदार को पूरी साइट हैंडओवर की नहीं है, एक साल से सर्वे सबमिट एलाइनमेंट फाइनल, जबकि जमीन की निशानदेही नहीं हुई है, काम करने वाले स्थान से यूटीलिटी शिफ्ट नहीं हुई है। ऐसे में तमाम औपचारिकताओं के चलते अभी काम अधर में लटकता नजर आ रहा है।
अब यूटीलिटी शिफ्ट के लिए 2.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जलशक्ति विभाग ने मांग लिया है, जबकि पहले ही स्मार्ट सिटी परियोजना से 78 लाख रुपये दिए जा चुके हैं। अब जलशक्ति विभाग ने 2.20 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी से और मांगे हैं, ताकि मौके पर टूटने वाली पाइपों व अन्यों की रिपेयर की जा सके। विभागों में आपसी तालमेल न होने से स्मार्ट रोड का मामला खटाई में पड़ गया है। हालांकि कुछ जगह पर खोदाई व कंकरीट हुआ है।
18 करोड़ रुपये में बननी है 3.5 किलोमीटर स्मार्ट सड़क

दिसंबर 2020 में टेंडर हुआ और 15 माह में स्मार्ट रोड का काम पूरा होना था। 18 करोड़ रुपये में 3.5 किलोमीटर सड़क बननी है। यह सड़क शिक्षा बोर्ड से लेकर कोतवाली बाजार बस अड्डे तक बनेगी।

सर्वे पर भी उठ रहे हैं सवाल, तारें पाइपें अभी सड़क में

स्मार्ट सिटी के स्मार्ट रोड के लिए सर्वे पर भी सवाल उठ रहे हैं कि यह सर्वे कब हुआ और क्या इसमें शामिल किया गया। निशानदेही तक विभाग नहीं करवा सका। वहीं यूटीलिटी शिफ्ट नहीं है। जहां पर काम होना है, वहां पर बिजली की लाइनें, खंभे हैं, बीएसएनएल की तारें हैं, जलशक्ति विभाग की पाइपें हैं। पंप हैं। यह सब क्लीयर न होने के कारण काम बंद पड़ा है। अभी तक एनएचएआइ, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, बिजली विभाग आदि विभागों की एनओसी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

यह हैं नियम

बीएसएनएल को 1.2 मीटर नीचे केबल डालने के मानदंड हैं, यही मानदंड जलशक्ति विभाग को पाइप गुजारने पर तय है, जबकि स्मार्ट रोड के लिए खोदाई करवा रहे हैं तो एक फीट पर ही पाइपें निकल रही है। ऐसे में पूर्व में हुए कार्यों पर भी सवालिया निशान हैं।

ठेकेदार बोला मेरी तरफ से नहीं कोई कमी

स्मार्ट रोड का काम कर रहे ठेकेदार एके सिंह ने बताया कि कार्य को करवा रहे हैं। हालांकि कई तरह की समस्याएं आ रही है। यूटीलिटी शिफ्ट नहीं है। कुछ एनओसी अभी तक विभागों से नहीं मिली है। ऐसे में लगातार कार्य करने में दिक्कत आ रही है। उनकी तरफ से कोई कमी नहीं है।

यह बोले जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता

जलशक्ति विभाग के अधिशाषी अभियंता सरवन ठाकुर ने बताया कि जब  खोदाई की जा रही है तो पाइपें टूट रही हैं और पेयजल बाधित हो रहा है। इसके लिए पहले 78 लाख रुपये स्मार्ट सिटी ने दिए थे। लेकिन अब पूरे कार्य के लिए जलशक्ति विभाग ने 2.20 करोड़ रुपये मांगे हैं, जबकि 78 लाख रुपये का कार्य टेंडर ठेकेदार को किया है। स्मार्ट रोड का काम पूरा होने के बाद ही संबंधित ठेकेदार पाइपें जोड़ सकेगा। बार बार टूट रही पाइपों से काम में ठेकेदार को दिक्कत हो रही है।

यह बोले, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त व स्मार्ट सिटी धर्मशाला के एमडी

नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त व स्मार्ट सिटी धर्मशाला के प्रबंध निदेशक प्रदीप ठाकुर ने कहा धर्मशाला में स्मार्ट रोड बन रहा है। यह 15 माह में पूरा होना था। यूटीलिटी शिफ्ट हो रही है। जलशक्ति विभाग ने कुछ रिवाइज्ड बजट मांगा है। कार्य शेष समय में पूरा नहीं हो पाएगा। ठेकेदार को काम करने के लिए वक्त और दिया जाएगा।

ये होंगी खासियत

स्मार्ट रोड निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके तहत बस स्टैंड धर्मशाला से लेकर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय तक स्मार्ट रोड बनेगा। इस रोड की खास बात यह होगी कि यहां आसपास क्षेत्रों की बिजली, पानी व सीवरेज की पाइपें रोड में अंडरग्राउंड होंगी। स्मार्ट एलईडी लाइट्स स्थापित की जाएंगी। वहीं रोड के दोनों ओर वाक वे, कैमरे और डिजिटल इनफारमेंशन बोर्ड स्थापित किए जाएंगे।

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