
नूरपुर-देवांश राजपूत
संतरे की पैदावार को लेकर छोटा नागपुर कहे जाने वाले नूरपुर इलाके में इस वर्ष संतरे की बंपर पैदावार की उम्मीद है। नूरपुर इलाके में पैदा होता था किन्नू की देश भर में अपनी एक अलग पहचान है व इसके स्वाद का कोई भी जवाब नहीं है। खट्टे मीठे स्वाद से भरपूर नूरपुर किन्नू का जहां स्वाद लाजवाब है वहीं स्वास्थ्य की दृष्टि में भी इसका सेवन उत्तम है। इसी कारण नूरपुरी किन्नू अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए है। इस बार संतरे को बंपर फसल की उम्मीद है।
इस बार मौसम का मिजाज भले ही ज्यादा अनुकूल नहीं रहा है, क्योंकि कुछ समय बारिश न होने से कुछ समय से मौसम सूखा बना हुआ है। लेकिन जिन जगहों पर सिंचाई की सुविधा है, वहां बागवान संतरे के बगीचों में सिंचाई कर रहे हैं, ताकि फल का आकार व मिठास दोनों बढ़ें। एक फल का भार 150 से 200 ग्राम के बीच होता है और कहीं मौसम अनुकूल होने से इसका साइज इससे भी ज्यादा बढ़ सकता है। अभी नूरपुर संतरे ने अपना नारंगी रंग दिखाना शुरू कर दिया है और कुछ समय बाद इसकी मिठास और बढ़ जाएगी।
इन स्थानों पर होती है संतरे की पैदावार
छोटा नागपुर कहे जाने वाले नूरपुर इलाके के इंदौरा, इंदपुर, डागला, समलेट, जाच्छ, वासा, गनोह, खेल, भोगरवां भडवार तथा छतरौली गांवों में संतरे व विशेषकर किन्नू की पैदावार होती है।
संतरे की खरीदारी शुरू
संतरा खाने के शौकीन लोगों ने संतरा खरीदना व खाना शुरू कर दिया है। सड़क किनारे किन्नू की बिक्री शुरू हो गई है। बाजार में अच्छी किस्म का नूरपुरी किन्नू 40 से 50 रुपये तक प्रति किलो तक बिक रहा है।
विभाग ने 21 कलेक्शन सेंटर खोले
कांगड़ा जिला में संतरे की खरीद को लेकर विभाग ने 21 कलेक्शन सेंटर खोले हैं, जिसमें किन्नू के बी ग्रेड की कीमत साढ़े आठ रुपये व सी ग्रेड की कीमत आठ रुपये रखी है। उद्यान विभाग के जिला कांगड़ा के उपनिदेशक कमलशील नेगी ने बताया कि इस बार जिला में संतरे की फसल को अच्छी पैदावार की संभावना है और इस बार जिला में 13234 मीट्रिक टन संतरे का उत्पादन होने की उम्मीद है।
बंपर पैदावार से मिला छोटा नागपुर का नाम
नूरपुर इलाके में संतरे की बंपर पैदावार होती है, इसलिए नूरपुर इलाके को छोटा नागपुर कहा जाता है। किन्नू का पौधा जल्द ही फसल देने लग पड़ता है और इसमें रस भी ज्यादा होता है। इसके अतिरिक्त नूरपुर इलाके में संतरा, माल्टा आदि की भी उत्पादन होता है। जिला कांगड़ा में करीब 1079001 हेक्टेयर जमीन पर नींबू प्रजातीय फल लगाए जाते हैं, जिसमें इस वर्ष करीब 2003466 मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है, जबकि जिला में 572633 हेक्टेयर जमीन पर संतरे के फल लगाए जाते हैं, जिसमें इस वर्ष 13234 मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना है।
