
कोटला- स्वयंम
हिमाचल प्रदेश भूतपूर्व सैनिक संगठन कोटला का 10वां स्थापना दिवस समारोह स्वर्णिम विजय वर्ष समारोह के रूप में बुधवार को भटोली (सोलदा)में मनाया गया। जिसमें हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर की गई। उसके बाद दिवंगत पूर्व सैनिकों की याद में दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर 1971 के भारत- पाकिस्तान युद्ध में शामिल हुए सभी पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
भूतपूर्व सैनिक संगठन इकाई कोटला के अध्यक्ष कैप्टन चुन्नी लाल ने मुख्यातिथि को हिमाचली टोपी और फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि हमारा देश अगर सुरक्षित है तो सैनिकों के कारण ही सुरक्षित है। देश के प्रधानमंत्री लालकिले की प्राचीर से तिरंगा झंडा फहराते हैं तो देश के बहादुर सैनिकों की बदौलत ही फहराते हैं। देश का सैनिक किसी से कम नहीं।
हिमाचल प्रदेश के हर दूसरे घर से एक व्यक्ति सेना में है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि देश के सबसे बड़े वीरता पुरस्कार “परमवीर चक्र” विजेताओं में सबसे ज्यादा पुरस्कार हिमाचल प्रदेश के बहादुर सैनिकों को मिले हैं। उन्होंने कहा कि “वन रैंक -वन पैंशन” का मुद्दा जो मैंने सर्वप्रथम उठाया था, वो हल हो गया है। इससे देश के सैनिकों को बहुत लाभ हुआ है।
उन्होंने कहा कि वीर नारी शकुंतला देवी के पति करतार सिंह 15 दिसम्बर 1971 को ही शहीद हुए और उन्होंनेे अपने पति की याद में सैनिक संगठन इकाई भवन के निर्माण के लिए जमीन दान की जिस पर अब दो मंजिला भवन बन कर तैयार हो गया है। हमें अपने बहादुर सैनिकों की कुर्बानियों पर गर्व है, हम उन्हें नमन करते हैं।
इस अवसर पर कर्नल गुलेरिया, कै चुन्नी लाल, कै प्रताप सिंह चौहान, लै कुलदीप जसवाल, लाल सिंह राणा, कै मान सिंह राणा, कैप्टन रोशन लाल, सरन दास, कैप्टन बलदेव सिंह साहब सिंह, कैप्टन रुमेल सिंह, कश्मीर सिंह, राजेन्द्र कौशल, अरूण थापा, मेहर सिंह पठाणियां, विधि चंद चौहान, प्रेम चंद सहित भारी संख्या में वीर नारियां मौजूद रहे।
