
6 महीने में एक ही गांव में 42 दुधारू गायों की मौत
डमटाल- ब्यूरो
उपमंडल इंदौरा के अधीन आते पशु पालन विभाग के मोहटली पशु अस्पताल से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित चोचर गांव में पशु पालकों को अज्ञात बीमारी का डर सता रहा है।कोविड-19 के इस दौर में जहां मनुष्य अपने जीवन की सुरक्षित रखने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहा है। वहीं दूसरी ओर पशुओं को भी इसी तरह की एक बीमारी ने आ घेरा है ।मामला बलीर पंचायत के चोचर गांव का है जहां अज्ञात बीमारी के कारण दुधारू पशुओं की मौत हो रही है।
पशुपालकों ने बताया कि वह अपनी गाय को चराने के लिए छोडा था । कल शाम को 3 गाय वापिस आ गई थी और बाकी खेतों में ही रह गई । लेकिन जब सुबह गायों को देखने के लिए उठे तो पशुशाला में तीन गाय घायल पाई गई। बाकी बची हुई इन गायों को ढूंढने के लिए निकले तो वह भी खेतों में मृत मिली।
इस घटना के तुरंत बाद स्थानीय पशु अस्पताल के कर्मचारियों को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पशुपालन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे लेकिन गाय की मृत्यु हो चुकी थी। इस गांव में 6 महीने में इसी तरह के मामले पहले भी उनकी 36 दुधारू गायों के साथ हो चुके हैं ।
पशुपालन विभाग द्वारा गायों की मृत्यु का कारण जहरीला घास खाने से बताया गया था। लेकिन लगातार इस तरह हो रही गायों की मौत से पशुपालकों को लाखों रुपए का चपत लग चुकी है लेकिन विभाग की तरफ से कोई भी समाधान और ना ही कोई सहायता दी गई है।
इस विषय पर एसडीएम इंदौरा सोमिल गौतम से बात की गई तो उन्होंने कहा फील्ड स्टाफ के माध्यम से गाय मरने की जानकारी मिली थी। जिन पशु पालकों की गाय मरी है, उन्हें कागज तैयार करने के लिए कहा गया है। नियमों के आधार पर जो भी राहत बनेगी पशु पालकों को उपलब्ध करवा दी जाएगी
