नूरपुर ब्लॉक की सीआरपी ने महिला ग्राम विकास संयोजक पर लगाए कुछ सीआरपी को काम से हटाने के आरोप

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नूरपुर ब्लॉक की सीआरपी ने महिला ग्राम विकास संयोजक पर लगाए कुछ सीआरपी को काम से हटाने के आरोप, महिला ग्राम विकास संयोजक द्वारा हर वक्त दी जा रही है मंत्री की धमकी, मंत्री का नाम लेकर सीआरपी को किया जा रहा है गुमराह,मंत्री राजनीतिक से ऊपर उठकर काम करने की करते है बात,फिर सीआरपी को क्यों और किसके कहने पर दी जा रही है काम न देने की धमकी,सीआरपी में है महिला ग्राम विकास संयोजक पर गहरा रोष

नूरपुर- देवांश राजपूत

नूरपुर ब्लॉक में एनआरएलएम में काम कर रही सीआरपी ने कुछ सीआरपी महिलाओं को काम न देने का आरोप लगाया है।जब सीआरपी बजह पूछना चाह रही है तो उन्हें कहा जा रहा है कि मंत्री ने कहा है। अगर मंत्री ने काम करने को मना किया है तो सिर्फ कुछ सीआरपी को क्यों मना किया गया है।बाकी सीआरपी को काम के लिए क्यों मना नही किया गया।इस प्रकरण में सीआरपी ने ब्लॉक से स्पष्टीकरण मांगा है।

सीआरपी राजरानी ने कहा कि मै कई बर्षों से एनआरएलएम में काम कर रही हूं।राजरानी ने बताया कि 13 अगस्त से एक सितंबर तक मेरी ड्यूटी सदवा व सुलयाली पंचायत में लगी थी,हमने इसके बीच सदवा में कैम्प भी लगाया।जब सुलयाली ड्यूटी पर गई तो मुझे ब्लॉक से महिला ग्राम विकास संयोजक तृप्ता देवी का फोन आया तो उन्होंने कहा कि आपकी ड्यूटी रद्द कर दी गई है आप घर वापिस चले जाओ।

रोज़ी ने बताया कि जब मैं ब्लॉक में रिपोर्ट देने गई तो मेने तृप्ता मैडम से पूछा तो उन्होंने कहा कि आपकी ड्यूटी मंत्री के कहने से रद्द की गई है।रोज़ी ने कहा कि मगर मैं इस बात पर विश्वास नहीं करती हूं कि मंत्री ऐसा कर सकते हैं। क्योंकि मैं ब्लॉक समिति सदस्य के तौर पर मंत्री के साथ कई बैठकों में मौजूद रही हूं।

वहां मंत्री यही कहा करते थे कि जो भी काम हो वह बिना भेदभाव से हो ओर राजनीति से ऊपर उठकर हो।राजरानी ने कहा कि में महिला ग्राम विकास संयोजक तृप्ता देवी से जवाब चाहती हूं कि वह मुझे स्पष्ट बताए क्या बात है। क्योंकि हमे मंत्री ने फोन कर कभी भी काम के लिए मना नही किया है।

राजरानी ने महिला ग्राम विकास संयोजक तृप्ता देवी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह मुझे बार बार ड्यूटी जाने के लिए मंत्री साहब का नाम लेकर मना कर रही है।मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि अगर ऐसा है तो हमे पीछे से जो गाइड लाइन या एनआरएलएम के जो कायदे कानून नियम है उन्हें बताएं।

सीआरपी रक्षा देवी ने कहा कि एंटी वोमेन में मेरा भी नाम था।मगर फिलहाल मेरा नाम कभी काट रहे हैं कभी रख रहे हैं। जब मैंने इस बारे में पूछा कि मुझपर कौन सा आरोप लगाया है। क्योंकि मैं पिछले पांच सालों से इस पद पर रह कर अलग-अलग पंचायतों में सेवाएं दे रही हूं। लेकिन मुझे ब्लॉक आफिस की तरफ से यह कहा गया कि आप राजनीतिक कार्यों में शामिल हो।

मैं ब्लॉक आफिस से पूछना चाहती हूं कि उन्हें तो मालूम था कि मै सीआरपी हूं।अगर एनआरएलएम के कोई नियम थे तो हमें आज तक क्यों नहीं बताए गए।हमारी ब्लॉक से गुजारिश है कि हमें सैंटर हैड ऑफिस के जो नियम है वह बताए जाए ताकि हम उन्हीं के तहत काम करें।हम अपने स्थानीय मंत्री पर भी ऐसे कुछ नहीं कह सकते हैं। क्योंकि हम चार बर्षो से उनके होते काम कर रहे हैं।

उन्होंने कभी भी हमारे काम में हस्तक्षेप नहीं किया है।अगर उन्होंने कुछ कहना या करना होता तो पहले भी कर सकते थे। यह सारी बातें केवल ब्लॉक ऑफिस से ही निकल कर बाहर आ रही हैं।हमे या तो गाइड लाइन बताई जाए या अपना निर्णय बताया जाए।

वही महिला ग्राम विकास संयोजक तृप्ता देवी ने बताया कि कार्यालय से सम्बंधित प्रत्येक पत्राचार खंड विकास अधिकारी के हस्ताक्षर से

अनुमोदित होता है।किसी भी पत्राचार में व्यक्तिगत व्यक्ति विशेष का कोई अधिकार क्षेत्र नही है।अतः जो भी आदेश पारित या रद्द हुए उनकी पुष्टि खंड विकास अधिकारी ही कर सकते हैं।नियमानुसार हमे मौखिक या लिखित आदेशों की पालना करना ही हमारा कर्तव्य है।

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