
इन्दौरा – शम्मी धीमान
भले ही सरकार की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के विकास का ढिंढोरा सरकार व उसके नुमाइंदे पीट रहे हैं। लेकिन एक परिवार एेसा भी है जिसका अपना घर होने का सपना अधूरा है। विधानसभा इंदौरा की पंचायत बडूखर में रहने वाले अश्वनी सिंह को योजना का लाभ नहीं मिला है। अश्वनी कुमार की पत्नी ने बताया की परिवार में चार सदस्य हैं।
उनके पति दिहाड़ी लगाकर घर का खर्चा चलाते हैं बच्चे भी काफी बड़े हो चुके हैं। आज से 15 साल पहले घर बनाने के लिए सरकार से मिले वाली राशि के बारे में बताया था। तब बेटी पहली कक्षा में थी अब बेटी कक्षा 11 में हो गई है। लेकिन पंचायत की अोर से किसी प्रकार की सुविधा नहीं दी जा रही है। उस समय पटवारी व प्रधान ने उनके घर का जायजा लिया था, लेकिन आज तक उनको उनके सपनों का आशियाना नहीं मिला है। वक्त के साथ-साथ अब उनके सपनों के आशियाने के बनने के सपने भी धूमिल होते दिख रहे हैं।
आज तक जो भी हमने कमाया वो बच्चों की शिक्षा व घर के जरूरतों पर खर्च कर दिया। कुछ पैसे जमा करके रखे थे कि जब बच्चे बड़े हो जाएंगे तो कोई कोर्स करवाएंगे। जैसे लॉकडाउन लगा घर का खर्चा चलाना भी बड़ा मुश्किल हो गया था। यहां तक कि हमें अभी तक शौचालय की व्यवस्था भी नहीं मिली है। पंचायत में पांच बार फॉर्म जमा करवाएं। लेकिन हर बार यही सुनने को मिलता है कि आपका नाम लिस्ट में नहीं आया है।
यह बोले रमेश कालिया
समाज सेवी रमेश कालिया ने कहा की बीजेपी सरकार सिर्फ और सिर्फ अाशीर्वाद की सरकार है। धरातल पर गरीब परिवारों की क्या स्थिति उनको किसी से कोई मतलब नहीं। जो परिवार पिछले 15 सालों से अपने घर की आस में बैठा हो उनको हक न मिले इससे ज्यादा क्या बोला जा सकता है। सरकार को इसकी और ध्यान देना चाहिए।
प्रधान बिंदू बाला ने कहा
स्थानीय पंचायत प्रधान बिंदु बाला ने बताया कि नई पंचायत के गठन के बाद जैसे ही हमें ऐसे परिवारों के बारे में पता चला है। सबसे पहले हम प्रस्ताव में उनका नाम ही डालने वाले हैं।
