
नूरपुर- देवांश राजपूत
जिला कांग्रेस अध्यक्ष व नूरपुर के पूर्व विधायक अजय महाजन ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों की आय दुगनी होना तो दूर की बात है उन्हें मंडियों में अपनी फसल का लागत मूल्य भीं नहीं मिल रहा है। भाजपा सरकार किसानों और सब्जी उत्पादकों के हितों की रक्षा करने में बुरी तरह विफल रही है।
सरकार फलों व फसलों की तर्ज पर सब्जियों का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करें और किसानों को हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए आर्थिक पैकेज देकर राहत प्रदान करे। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष के मुकाबले अब डीजल, पेट्रोल, खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयों के दामों में कई गुणा वृद्धि हो चुकी है। लेकिन किसानों द्वारा महंगाई की मार सह कर तैयार की गई सब्जियों के मंडियों में ओने पौने दामों में मिल रहे हैं। जिससे लागत तो दूर की बात है उन्हें सब्जी मंडी तक अपने माल को लाने का भाड़ा भी निकल नहीं रहा है।
महाजन ने कहा कि नूरपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस वक्त खीरा, करेला, भिंडी , रामातोरी , लोकी आदि अनेक सब्जियों का प्रचुर मात्रा में उत्पादन हो रहा है। लेकिन सरकार की नालायकी के चलते मंडी में खीरा पचास पैसे से लेकर तीन रुपये और जबकि अन्य सब्जियां नाममात्र भाव मे बिक रही हैं। जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
महाजन ने कहा कि इस विषय पर सरकार को तुरंत संज्ञान लेते हुए उचित हल निकालना चाहिए। महाजन ने कहा कि पिछले वर्ष उपमंडल नूरपुर के विभिन्न क्षेत्रों में भारी ओलावृष्टि के कारण किसानों की गेहूं और आम की फसल बुरी तरह तबाह हुई थी। सरकार ने किसानों को मूर्ख बनाते हुए नुकसान का आकलन भी करवाया था।
स्थानीय विधायक व सरकार में वन एवम खेल मंत्री राकेश पठानिया ने किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिलवाने का वायदा किया था लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी किसानों को आजतक एक पैसा भी राहत के नाम पर नहीं मिला इससे पता चलता है कि नूरपुर के विधायक तथा भाजपा सरकार किसानों की कितनी हितैषी है। महाजन ने सरकार से मांग की है कि सब्जी उत्पादकों के हितों को देखते हुए सरकार को फलों व फसलों की तर्ज पर सब्जियों का भी न्यूनम समर्थन मूल्य तय करना चाहिए ।
