ललेहड़वासियों का टूटा सब्र, जिला प्रशासन को सौंपी घरों की चाबियां

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धर्मशाला- राजीव जस्वाल

मटौर-शिमला फोरलेन की जद में आ रहे ललेहड़ पंचायत के 17 परिवारों के सब्र का बांध टूट गया। कच्छियारी में दिए धरने की सुनवाई न होने पर पीड़ित लोगों ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में बच्चों संग धरना दिया। इस दौरान उन्होंने घरों की चाबियां प्रशासन को सौंप दी।

इन परिवारों की मांग है कि फोरलेन दूसरी जगह से निकाला जाए। साथ ही तर्क दिया कि यदि फोरलेन उन्हें विस्थापित कर ही बनाया जाना है तो सरकार पहले आशियाने बनाकर दे। इस दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। साथ ही चेतावनी दी कि उनकी मांग पूरी नहीं की तो वे सामूहिक मुंडन करवाएंगे। हालांकि इस दौरान एडीसी कांगड़ा राहुल कुमार उनसे मिलने पहुंचे।

उन्होंने पीड़ित परिवारों को आश्वास्त किया कि मामला एनएचएआइ से उठाया है और इस दिशा में स्वयं उपायुक्त प्रयासरत हैं। सायं छह बजे उपायुक्त ग्रामीणों से मिले और उन्होंने आश्वास्त किया कि जल्द एनएचएआइ के हिमाचल प्रभारी को बुलाया जाएगा। इस दौरान कच्छियारी में वे भी मौजूद रहेंगे। उपायुक्त कांगड़ा के आश्वासन पर ललेहड़वासियों ने धरना खत्म किया।

प्रशासन ने मामला एनएचएआइ के समक्ष उठाया है। मैंने स्वयं विरोध जता रहे लोगों से मिलने से पूर्व एनएचएआइ के अधिकारियों से बात की है। उनकी ओर से टेक्निकल टीम भेजी जाएगी, जो वास्तुस्थिति को देखेगी कि क्या फोरलेन दूसरी जगह बन सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय एनएचएआइ का ही होगा, फिर भी प्रशासन अपने स्तर पर प्रयासरत है और मामले को सुलझाने की कोशिश की जाएगी।

-राहुल कुमार, एडीसी कांगड़ा।

ललेहड़वासियों की समस्या का समाधान हो, इसके लिए प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में एनएचएआइ के अधिकारियों को बुलाया जाएगा और जो भी विकल्प होगा, उसके आधार पर समस्या का समाधान किया जाएगा।

-डा. निपुण जिदल, उपायुक्त कांगड़ा

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