फ्लिपकार्ट पर बिकेगा चंबा रुमाल और कांगड़ा पेंटिंग, प्रदेश के 30 हजार कारीगरों की आर्थिकी में आएगा बदलाव

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व्यूरो रिपोर्ट

चंबा रुमाल और कांगड़ा पेंटिंग को बेचने के लिए फ्लिपकार्ट आगे आया है। इसी तरह से हिमाचल प्रदेश के 30 हजार बुनकर, हस्तशिल्प का कार्य करने वाले कारीगरों के लिए बाजार की कोई चिंता नहीं रहेगी। इन कारीगरों के उत्पाद पहले की तरह खुले बाजार में बिकते रहेंगे। इसके साथ अब फ्लिपकार्ट के माध्यम से भी पूरे विश्व में कहीं भी हिमाचली उत्पाद खरीदे जा सकेंगे। ऐसे में कारीगरों को उचित मूल्य प्राप्त होगा।

हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम की ओर से कारीगरों के लिए ऑनलाइन बाजार उपलब्ध करवाया गया है। जिसके तहत आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की मौजूदगी में हथकरघा एवं हस्तशिल्प निगम व फ्लिपकार्ट कंपनी प्रबंधन के बीच में एमओयू साइन होगा। जिसके बाद प्रदेश के चंबा, किन्नौर, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा जिलों के कारीगरों को घर बैठे उनके उत्पाद बेचने का रास्ता खुलेगा।

कारीगरों को केवल निगम प्रबंधन से संपर्क साधना होगा। उसके बाद निगम के अधिकारी फ्लिपकार्ट को हिमाचल के परंपरागत उत्पाद उपलब्ध करवाएंगे। निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल का कहना है कि कारीगरों के लिए निगम सेतु का काम करेगा। किसी भी तरह से फ्लिपकार्ट कंपनी प्रदेश के भोले-भाले बुनकरों व कारीगरों से किसी प्रकार की ठगी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेजन की कठिन शर्तों के चलते अभी सहमति नहीं बन पाई है।

उनका कहना है कि इस समय प्रदेश में कई स्थानों पर बांस के उत्पाद, लोहे से निर्मित प्राचीन मूर्तियां, पत्थर पर नक्काशी व कलाकृतियां, इसके अतिरिक्त कुल्लू की शॉल व टोपी सहित अन्य गर्म वस्त्र भी फ्लिपकार्ट पर लोगों को घर में मिलेंगे। फ्लिपकार्ट पर कारीगरों के उत्पाद बिकने से उन लोगों की आर्थिकी में सुधार आएगा।
इन लोगों को घर बैठे उत्पादों के उचित दाम प्राप्त हो सकेंगे। इस समय राज्य हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम की ओर से प्रदेश के कई स्थानों पर महिलाओं के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ताकि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद मिल सके। जिसके तहत बांस आधारित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
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