
हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने प्रदेश के जल शक्ति मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने कहा जल शक्ति मंत्री को अध्यापकों के बजाय अपने विभाग पर ध्यान देना चाहिए।
नूरपुर, देवांश राजपूत
हिमाचल राजकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ (एचजीसीटीए) ने प्रदेश के जल शक्ति मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ ने कहा जल शक्ति मंत्री को अध्यापकों के बजाय अपने विभाग पर ध्यान देना चाहिए। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. धर्मवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार जसरोटिया, उपाध्यक्ष डॉ. ओ पी ठाकुर, सचिव डॉ. राम लाल शर्मा, सह सचिव डॉ. सतीश ठाकुर व प्रो. अनित शर्मा ने कहा की कोरोना महामारी के दौरान अध्यापक वर्ग ने सरकार के प्रत्येक आदेश को मानकर बच्चों को उच्च शिक्षा देने, समाज को जागरूक करने तथा प्रदेश के बैरियरों पर ड्यूटी देकर सराहनीय कार्य किया है।
कुल्लू जिला के बंजार में जल शक्ति मंत्री ठाकुर महेंद्र सिंह द्वारा जनसभा में अध्यापक समाज के प्रति दिए गए बयान से अध्यापक वर्ग बहुत आहत हुआ है। उन्होंने कहा अध्यापकों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करना, 1 जुलाई से पहले वैक्सीन लगवाना तथा कई अन्य निर्णय सरकार व शिक्षा विभाग के दिए गए हैं। समस्त निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए हैं। शायद प्रदेश के जल शक्ति मंत्री मंत्रिमंडल के निर्णय से वाकिफ नहीं है या फिर मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल नहीं हुए होंगे।
अध्यापक समाज के प्रति गलत बयानबाज़ी किसी भी सूरत में मान्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि ठाकुर महेंद्र सिंह को याद होना चाहिए की समाज में अध्यापक वर्ग का अहम रोल है और इसे कभी भी नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर मास्टरों की मौजें मंत्री देखना चाहते थे तो अपने विधानसभा क्षेत्र में तो अवश्य देख लेते कि वैक्सीनेशन और हिमाचल के बैरियरों पर किसने ड्यूटी दी है ।
आप मंत्री हैं तो आपको यह अधिकार नहीं मिल जाता कि आप मंच पर चढ़कर जो भी चाहे बोलते रहें। उन्होंने बताया की पूरे प्रदेश के महाविद्यालयों के प्राध्यापक 6 जुलाई को काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रकट करेंगे।
