
हिमाचल में अब महंगाई के इस दौर में गरीबों के लिए घर बनाना सपना नहीं रहेगा। राज्य में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना इस वर्ष 7000 से अधिक गरीब व पिछड़े परिवारों को सिर पर छत दिलाएगी। 2020-21 में 3419 को नए आवास प्रदान किए थे।
शिमला, व्यूरो रिपोर्ट
हिमाचल में अब महंगाई के इस दौर में गरीबों के लिए घर बनाना सपना नहीं रहेगा। राज्य में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना इस वर्ष 7000 से अधिक गरीब व पिछड़े परिवारों को सिर पर छत दिलाएगी।
कोरोना काल में योजना ने बीते 2020-21 के दौरान 3419 पिछड़े व गरीब परिवारों को नए आवास प्रदान कर घर के सपने को पूरा किया है। योजना में 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रविधान है। इस योजना के तहत 2020-2021 के लिए 51.34 करोड़ रुपये का बजट आबंटित किया गया।
योजना को हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2020 में शुरु किया था और भारत सरकार के वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास सुविधा प्रदान करने के लक्ष्य में मिल का पत्थर साबित हो रही है। इस वित्तीय वर्ष में इतने ही मकानों को बनाने की योजना है।
योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के गरीब परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्का मकान उपलब्ध करवाना है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 35 हजार रुपये से कम होनी चाहिए।
प्रदेश में स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 7700 आवासों को बनाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था। बीते वित्तीय वर्ष के दौरान 3419 आवासों को निर्माण करवाया गया है।
-विवेक भाटिया, निदेशक अनुसूचित जाति, जनजाति, दिव्यांग एवं सशक्तीकरण विभाग।
