
शिमला, जसपाल ठाकुर
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच व संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर मजदूर संगठन द्वारा प्रदेश के जिला, ब्लॉक मुख्यालयों, कार्यस्थलों, गांव और घर द्वार पर प्रदर्शन किया गया। प्रर्दशन कर मजदूरों ने नेशनल ब्लैक-डे मनाया गया। इस दौरान प्रदेश भर में हज़ारों मजदूरों ने अलग-अलग जगह कोविड नियमों का पालन करते हुए अपनी भागीदारी की। प्रदर्शन शिमला, रामपुर, रोहडू, निरमण, बिथल, झाकड़ी नाथपा, टापरी, बायल, चिडग़ांव, सोलन, बद्दी, नालागढ़, परवाणू, अर्की, भागा भलग, बघेरी, नाहन, पांवटा, शिलाई, सराहन, कुल्लू, आनी, सैंज, बंजार, पतलीकूहल, बजौरा, औट, मंडी, जोगिंद्रनगर, निहरी, धर्मशाला, चंबा, भरमौर, तीसा, चुवाड़ी, ऊना, गगरेट में प्रदर्शन किया गया।
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि कोविड महामारी को केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों के लिए लूट के अवसर में तब्दील कर दिया है। सरकार महामारी के दौरान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने में पूर्णत: विफल रही है।
पुतले जलाकर केंद्र के खिलाफ नारे।
शिमला। किसान आंदोलन के छह महीने पूरे होने पर हिमाचल किसान सभा ने संयुक्त किसान मोर्चा अन्य जनवादी एवं जन संगठनों के साथ मिलकर पूरे प्रदेश में काला दिवस मनाया। गांवों में काली पट्टी, काले बिल्ले, काले झंडे फहराकर व पुतले जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर किसान सभा के राज्याध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह तंवर ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं भारतीय किसान यूनियन की नवगठित इकाई ने हिमाचल प्रदेश के अध्यक्ष अनेंद्र सिंह नॉटी तथा राष्ट्रीय नेतृत्व के दिशा निर्देश अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में काला दिवस मनाया। जहां संभव था वहां प्रशासन को ज्ञापन प्रेषित किए गए, क्योंकि बुधवार को अवकाश था।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पांवटा साहिब के कई गांव तथा मुख्य शहर में काला दिवस मनाया। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष अनिंदर सिंह नॉटी, गुरजीत सिंह नंबरदार, चरणजीत सिंह जैलदार, कैप्टन जगत सिंह, जसविंदर सिंह बिलिंग, संदीप बत्रा, गुरनाम सिंह बंगा, परमजीत सिंह, साजिद हाशमी, परमिंदर सिंह ढिल्लों, जुल्फिकार अली रावत, शौकत अली, अरशद रम्मी, लाडी सैनी, गुरविंदर सिंह कुलविंदर सिंह हाकम सिंह कीर्तन सिंह सहित भारतीय किसान यूनियन पदाधिकारी शामिल रहे।
