
व्यूरो, रिपोर्ट
देश अब कोरोना की दूसरी लहर से उबर रहा है। नए मामलों में कमी के साथ ही रिकवरी रेट लगातार बेहतर हो रहा है। 14 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में रिकवरी रेट या तो 90 प्रतिशत है या फिर उससे ज्यादा हो चुका है। बेहतर होते रिकवरी रेट का असर आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। मई महीने की शुरुआत में जहां एक्टिव मामलों की संख्या 37 लाख थी, वे अब 26 लाख पर पहुंच चुकी है। सबसे अधिक रिकवरी रेट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है। यहां पर 97 फीसदी रिकवरी रेट है।
इसके बाद यूपी, बिहार और हरियाणा में 94 फीसदी, तो महाराष्ट्र, तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 93 फीसदी है। उत्तराखंड में रिकवरी रेट 80 फीसदी है, तो नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की स्थिति अभी खराब है।
मिजोरम, मेघालय और सिक्किम जैसे राज्यों में 70 से 76 फीसदी रिकवरी रेट है। हालांकि अभी नॉर्थ-ईस्ट में महामारी ने जोर पकड़ा हुआ है। एक्टिव केस की संख्या ज्यादा होने के पीछे ये एक मुख्य कारण है। जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, मणिपुर, ओडिशा और असम जैसे राज्यों का रिकवरी रेट 80 से 84 फीसदी के बीच है, जो राष्ट्रीय औसत 89 से काफी कम है। अभी इन राज्यों को लगातार महामारी के खिलाफ लड़ाई में बेहद सतर्कता बनाए रखनी होगी।
भारत में 130 दिन में 20 करोड़ का टीकाकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमरीका के बाद भारत कोविड-19 टीकों की 20 करोड़ से अधिक खुराक लगाने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है। मंत्रालय ने बताया कि भारत ने 130 दिन में यह टीकाकरण पूरा किया, वहीं अमरीका ने 124 दिन में इतने लोगों को टीका लगाया। अवर वल्र्ड इन डाटा बेवसाइट और अन्य कई स्रोतों पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कोविड-19 टीकाकरण व्यापक रूप से करने वाले अन्य प्रमुख देशों में ब्रिटेन भी शामिल है, जिसने 168 दिन में 5.1 करोड़ लोगों को कोविड टीका लगाया है।
वहीं ब्राजील में 128 दिन में 5.9 करोड़ लोगों को और जर्मनी में 149 दिन में 4.5 करोड़ लोगों को टीके की खुराक दी जा चुकी है। मंत्रालय के अनुसार भारत में सुबह सात बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार टीकाकरण अभियान के 130वें दिन 20 करोड़ से अधिक लोगों (20,06,62,456) का टीकाकरण हो चुका है। इनमें 15,71,49,593 को टीके की पहली खुराक और 4,35,12,863 को दूसरी खुराक लग चुकी है।
