
कांगड़ा, राजीव जसबाल
शिमला में अपनी ही पार्टी के होर्डिंग फाड़ने के बाद सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी कांगड़ा जिला में भी पहुंच गई है। यहां भी बीती रात को कांगड़ा बाइपास में लगे पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीएस बाली के होर्डिंग को फाड़ दिया। इस होर्डिंग पर भी पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का फोटो नहीं लगा था।
हालांकि कांगड़ा में लगे होर्डिंग वीरभद्र समर्थकों ने फाड़े हैं या किसी अन्य ने यह तो नहीं कहा जा सकता। लेकिन जिस तरह से शिमला में वीरभद्र समर्थकों ने इस कार्य को अंजाम दिया, उससे साफ जाहिर है कि कांगड़ा में भी पूर्व सीएम के समर्थक पूरी तरह से सक्रिय हैं, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि कांग्रेस के एक गुट को दूसरे गुट की बढ़ती सक्रियता पसंद नहीं आ रही और ऐसे में कांग्रेस की पोस्टर फाड़ लड़ाई अब आगे और भी बढ़ सकती है।
बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व मंत्री जीएस बाली को कोरोना रिलीफ कमेटी का प्रदेश प्रभारी बनाया है और पिछले दिनों ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की अगुवाई में जिला कांगड़ा में कांग्रेस ने तीन एंबुलेंस सहित अन्य योजनाओं की शुरुआत की थी। इसी कड़ी के चलते प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जीएस बाली की अगुवाई में कई पोस्टर लगाए गए थे।
कांगड़ा बाइपास पर लगे होर्डिंग को भी गुटबाजी के चलते फाड़ा गया है। बताया जा रहा है कांगड़ा बाइपास पर लगे इस हार्डिंग में भी पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का फोटो ना होने के कारण उनके समर्थकों ने ऐसा किया है। इस होर्डिंग में भी एक तरफ पूर्व पीएम राजीव गांधी, जबकि दूसरी तरफ जीएस बाली की बड़ी फोटो लगी थी।
इसके अलावा ऊपरी हिस्से में राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित राहुल गांधी प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की फोटो थी।
