कोरोनाकाल में बीमार पड़ा सिविल अस्पताल पालमपुर

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पालमपुर, राजीव जस्वाल

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से सिविल अस्पताल पालमपुर कोरोनाकाल में खुद बीमार हो गया है। 200 बिस्तर के अस्पताल में थोड़ी सी तबीयत बिगड़ने पर भी मरीज दूसरे नजदीक अस्पतालों में रेफर किए जा रहे हैं। प्रसूति विभाग के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों में से एक की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज नेरचौक में लगी है व ओटी सहायक के कोरोना पॉजिटिव होने से ऑपरेशन थियेटर भी बंद पड़ा है। ऐसे में संस्थागत प्रसव नहीं हो रहे हैं।

कुछ समय पहले शल्य चिकित्सा विभाग में तीन-तीन विशेषज्ञ तैनात थे मगर अब विभाग ही खाली पड़ा हुआ है। यहां तैनात तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों में एक ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है तो अन्य दो उच्च शिक्षा के लिए अस्पताल छोड़ गए हैं। ऐसे में शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ के पद भी कई माह से रिक्त हैं। अस्पताल में बाल रोग विभाग की हालत भी सही नहीं है। पूर्व में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ के बैजनाथ स्थानांतरण व बैजनाथ से महिला बाल रोग विशेषज्ञ को सिविल अस्पताल पालमपुर में तैनाती मिली थी। लेकिन कुछ दिन ही सिविल अस्पताल पालमपुर में सेवाएं देने के दौरान उनका निधन हो गया।

तब से लेकर आज तक सरकार ने यहां बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं की है। इन क्षेत्रों के लिए यह है नजदीकी चिकित्सालय पालमपुर सहित जय¨सहपुर, बैजनाथ व जोगेंद्रनगर तक के लोगों को सिविल अस्पताल पालमपुर में सर्जरी सुविधा मिलती थी। अब सर्जन के अभाव में लोग निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सर्जरी करवाने के लिए मजबूर हैं।

अस्पताल में वर्षभर में लगभग 500 जनरल सर्जरी होती रही हैं और प्रतिमाह 20 से अधिक संस्थागत प्रसव भी होते थे। सिविल अस्पताल को पूर्व कांग्रेस सरकार ने 200 बिस्तर का बनाया था। वर्तमान में 34 की जगह पर 29 चिकित्सकों के पद भरे हुए हैं। दो मुख्य विभागों शल्य चिकित्सा व बाल रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं।

ब्लड बैंक सोसायटी ने खड़े किए हाथ सिविल अस्पताल पालमपुर में ब्लड बैंक सोसायटी के कंधों पर अधिकतर भार है। सोसायटी में 10 एंबुलेंस दानी सज्जनों ने मुहैया करवाई हैं। सिविल अस्पताल पालमपुर से बेवजह मरीजों को रेफर किए जाने से सोसायटी ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।

डा. जयदेश राणा, एसएमओ एवं कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक पालमपुर के बोल
मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष उठाया जाता रहा है। शल्य चिकित्सा व बाल रोग विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रसूति विभाग में एक विशेषज्ञ की ड्यूटी मेडिकल कॉलेज नेरचौक में अस्थायी तौर पर लगाई गई है। इससे प्रसूति विभाग में संस्थागत प्रसव की दर में कमी आई है।

आशीष बुटेल, विधायक पालमपुर के बोल
सरकार के समक्ष इस मसले को उठाया गया है परंतु अभी तक जनरल सर्जन की तैनाती नहीं हो पाई है। जिला के अन्य बड़े स्वास्थ्य संस्थानों में कोविड -19 रोगियों का बोझ बढ़ा है। ऐसे में पालमपुर अस्पताल में सरकार तत्काल सभी सुविधाएं बढ़ाए।

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