हिमखबर डेस्क
मिडल ईस्ट में जारी जंग और तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति ने पांच दिन का युद्ध विराम घोषित किया है, लेकिन हमलों का दौर जारी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से बाचतीत को तैयार हैं और इसकी रूपरेखा भी तैयार की जा रही है, लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं है।
इस युद्ध में ईरान ने बहुत कुछ खो दिया है, जिसका बदला वह लेना चाहता है, पर इस तनाव ने दुनिया को गंभीर संकट की ओर धकेल दिया है, जिससे जल्दी निकलना आसान नहीं होगा।
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी संकट लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसने सभी देशों को भयंकर स्थिति में डाल दिया है। अगर आने वाले कुछ दिनों में हालात सामान्य नहीं हो पाते हैं, तो दुनिया एक बार फिर लॉक हो जाएगी।
जिस तरह भयंकर कोरोना माहामारी के दौरान जिंदगियां बचाने के लिए लॉकडाउन का सहारा लेना पड़ा था, उसी तरह अब ऊर्जा संकट से आने वाले दिनों में एक बार फिर लॉकडाउन जैसे हालात बन जाएंगे।
हालांकि इस बार किसी गंभीर संक्रमण से बचने के लिए नहीं, बल्कि ऊर्जा को बचाने के लिए कई देश लॉकडाउन का निर्णय ले सकते हैं, ताकि पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की बचत की जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को आने वाले संकट से देशवासियों को आगाह किया है। ऐसे में जनता के मन में सवाल है कि अगर देश में अगर देश में लॉकडाउन लगाने की नौबत आती है, तो यह कितने दिन का होगा?
व्यापार के रास्ते बंद, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट का असर लंबे समय तक जारी रहने की आशंका जाहिर करते हुए कहा कि देश को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए और सरकार पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है।
मोदी ने राज्यसभा में भोजनावकाश के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर कहा कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों जैसे जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
चुनौतियों के लिए तैयार रहे भारतवासी
प्रधानमंत्री ने कहा कि अमरीका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को लेकर पल-पल में हालात बदल रहे हैं। इसलिए मैं देशवासियों से कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा।
युद्ध के दुष्प्रभाव लंबे समय तक रहने की प्रबल आशंका है। मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं कि सरकार सतर्क है, तत्पर है और पूरी गंभीरता से रणनीति बना रही है, हर निर्णय ले रही है।

