हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की एक होनहार बेटी ने चिकित्सा जगत में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।
हमीरपुर की प्रतिभाशाली चिकित्सक डॉ. अस्मिता शर्मा का चयन अमेरिका के बेहद प्रतिष्ठित नैशनल कॉम्प्रिहेन्सिव कैंसर नैटवर्क (एनसीसीएन) सम्मेलन में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए हुआ है।
इतना ही नहीं, अमेरिका के अलावा डॉ. अस्मिता को जापान में आयोजित होने वाले एक अन्य महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भी अपने शोध कार्य की प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
कैंसर और न्यूरोलॉजिकल रोगों पर है अहम शोध
डॉ. अस्मिता शर्मा का यह महत्वपूर्ण शोध कैंसर और न्यूरोलॉजिकल (स्नायु संबंधी) रोगों के उन्नत प्रबंधन पर आधारित है। अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा उनके शोध की गहन समीक्षा की गई, जिसके बाद ही इसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुति के लिए स्वीकृति मिली है।
चिकित्सा जगत का एक बहुत बड़ा मुकाम है एनसीसीएन
बता दें कि एनसीसीएन विश्व स्तर पर कैंसर के उपचार की मानक गाइडलाइंस तय करने वाला एक अग्रणी संगठन है। चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों के अनुसार इस मंच पर प्रस्तुति का अवसर मिलना आसान नहीं है।
यह मौका केवल उन्हीं चुनिंदा शोधकर्ताओं को मिलता है, जिनका कार्य कठोर वैज्ञानिक मूल्यांकन के बाद वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली और सटीक माना जाता है। एनसीसीएन जैसे मंच पर चयन होना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी मान्यता का प्रतीक है।
माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
इस बड़ी उपलब्धि के बाद डॉ. अस्मिता शर्मा ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने गुरुओं, सहयोगियों और विशेष रूप से अपने परिवार को दिया है।
उन्होंने अपनी माता डॉ. सुमन शर्मा, पिता डॉ. अविनाश, अपने दादा जी, भाई-बहनों, मित्रों और सभी परिजनों का आभार व्यक्त किया।
डॉ. अस्मिता ने भावुक होते हुए कहा कि परिवार और प्रियजनों के निरंतर सहयोग, उचित मार्गदर्शन और प्रेरणा के बिना इस अंतर्राष्ट्रीय मुकाम तक पहुंचना बिल्कुल भी संभव नहीं था।
प्रदेश भर में खुशी की लहर
डॉ. अस्मिता की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर स्थानीय लोगों और पूरे चिकित्सा वर्ग में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि डॉ. शर्मा ने अपने ज्ञान और मेहनत के दम पर हमीरपुर और हिमाचल प्रदेश का नाम वैश्विक चिकित्सा मानचित्र पर और अधिक सशक्त कर दिया है।

