हिमखबर डेस्क
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएसी) द्वारा आयोजित सीडीएस (प्रथम) 2025 की परीक्षा में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की होनहार बेटी महक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देशभर में 24वां स्थान हासिल किया है।
इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही महक शर्मा बिलासपुर जिले की पहली महिला लैफ्टिनैंट बनने जा रही हैं। इस गौरवमयी उपलब्धि पर मंगलवार को घुमारवीं स्थित मिनर्वा सीनियर सैकेंडरी स्कूल में एक सादे लेकिन सम्मानजनक समारोह का आयोजन किया गया, जहां स्कूल प्रबंधन ने अपनी इस पूर्व छात्रा को सम्मानित किया।
समारोह के दौरान मिनर्वा स्कूल के प्रधानाचार्य प्रवेश चंदेल, मिनर्वा स्टडी सर्कल के सीएमडी राकेश चंदेल और अन्य स्टाफ सदस्यों ने महक शर्मा को स्मृति चिन्ह देकर और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
इस खास और भावुक पल में महक के दादा हरबंस लाल और दादी रोशनी देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बता दें कि महक ने अपनी 10वीं कक्षा तक की प्रारंभिक शिक्षा इसी मिनर्वा सीनियर सैकेंडरी स्कूल घुमारवीं से प्राप्त की है।
इस मौके पर एक और गौरवान्वित करने वाली बात सामने आई कि महक के साथ-साथ उनके छोटे भाई शिव मंथन का भी चयन भारतीय सेना में लैफ्टिनैंट पद के लिए हुआ है और वह वर्तमान में पुणे में अपना प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) प्राप्त कर रहे हैं।
एक ही परिवार से दो बच्चों का सेना में अफसर बनना पूरे इलाके के लिए चर्चा और गर्व का विषय बना हुआ है। महक के पिता चमन लाल शर्मा घुमारवीं में ही एक प्रिंटिंग प्रैस और नर्सरी का संचालन करते हैं, जबकि माता शशि कुमारी एक गृहिणी हैं।
अपनी सफलता से उत्साहित महक शर्मा ने इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिजनों के अटूट सहयोग को दिया है।
महक ने बताया कि उनके चयन के बाद अब वह प्री-कमीशन प्रशिक्षण के लिए चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी जाएंगी। महक की इस सफलता पर न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे घुमारवीं और बिलासपुर जिले में खुशी की लहर है।

