पेट्रोल-डीजल पर लगेगा सेस, बिल पारित, जानिए कितने बढ़ेंगे दाम

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हिमखबर डेस्क 

हिमाचल विधानसभा में वैल्यू एडेड टैक्स में संशोधन का विधेयक विपक्षी दल भाजपा के विरोध के बावजूद पारित हो गया।

इसके जरिए राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम 5 प्रति लीटर तक उपकर लगाने का फैसला किया है। इस उपकर से एकत्रित होने वाला पैसा अनाथ और विधवाओं के कल्याण पर खर्च होगा।

सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संशोधन विधेयक को सदन में पारित करने के लिए पेश किया। भाजपा विधायकों रणधीर शर्मा, त्रिलोक जमवाल और राकेश जमवाल ने इस पर संशोधन दिए हुए थे, जबकि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सतपाल सत्ती और विनोद कुमार ने सदन में अपनी बात रखी।

रणधीर शर्मा ने कहा कि इस सेस को लगाने के बाद पेट्रोल की कीमतें 100 से ऊपर हो जाएंगी। अनाथ और विधवाओं के लिए पहले से ही राज्य और केंद्र सरकार की बहुत सी योजनाएं हैं।

यह सेस लगने से पेट्रोल और डीजल महंगा होगा, जिससे प्रदेश के बॉर्डर एरिया में भी सेल कम होगी। इसे वैट का भी नुकसान हो सकता है।

बिलासपुर से भाजपा विधायक त्रिलोक जमवाल ने कहा कि इस संशोधन का असर प्रत्येक व्यक्ति पर पड़ेगा। इसे पेट्रोल-डीजल की कीमतें उत्तर भारत में हिमाचल में ज्यादा हो जाएंगी। उनके चुनाव क्षेत्र में ट्रक ऑपरेटरों को भी से नुकसान होगा और हर चीज के रेट बढ़ेंगे।

सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि बॉर्डर एरिया में इससे नुकसान होगा। सारी अर्थव्यवस्था पेट्रोलियम पदार्थों के ईर्द-गिर्द चलती है। मिडिल ईस्ट में वैसे ही हालात अच्छे नहीं हैं। ऐसे में इस तरह का फैसला नहीं लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विधवा सेस अपने आप में एक दुखदाई शब्द है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विधवा के नाम पर सरकार चलाने के लिए सेस के जरिए पैसे इक_े करना ठीक बात नहीं है। इस भाव को समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह जल्दबाजी में एंट्री टैक्स पर सरकार ने फैसला लिया और बाद में पंजाब में बने हालातों के बाद अब पुनर्विचार करना पड़ रहा है तो इसमें भी ऐसा न हो।

जवाब में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा विधायक अनाथ बच्चों और विधवा बहनों का विरोध कर रहे हैं। उनको सुविधा देने के लिए राज्य सरकार ने यह फैसला किया है।

जहां तक 5 फीसदी सेस की बात है, तो यह अधिकतम सीमा है। ये सेस राज्य सरकार 50 पैसे भी लगा सकती है और एक रुपए भी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और पंजाब में अभी भी पेट्रोल और डीजल के दाम हिमाचल से 2 रुपये ज्यादा है। इसलिए हम बैलेंस बनाकर फैसला लेंगे। सदन के भीतर एंट्री टैक्स के नाम पर भी नेता प्रतिपक्ष पंजाब में आम आदमी पार्टी की भाषा बोल रहे हैं।

सीएम सुक्खू के इस जवाब के बाद जैसे ही स्पीकर ने इस विधेयक को पारित करने के लिए लगाया। भाजपा विधायकों ने बोलकर सदन से वाकआउट कर दिया।

हालांकि यह वाकआउट बड़ा संक्षिप्त था, क्योंकि इसके बाद बजट पर चर्चा शुरू होनी थी, जिसकी शुरुआत नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने करनी थी।

हालांकि सदन से बाहर मीडिया से बातचीत में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि यह प्रदेश विरोधी फैसला है। इसकी जद में अनाथ बच्चे और विधवा बहनें भी आएंगी, क्योंकि महंगाई का असर उन पर भी होगा।

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