हिमखबर डेस्क
मक्की की रोटी और सरसों दा साग यह पंजाब का मशहूर व्यंजन हैै, लेकिन हिमाचल में भी यह खासा लोकप्रिय है। हिमाचल के ग्रामीण परिवेश में इसे बड़े चाव से खाया जाता है, लेकिन अगर इसमें एक डिश डाल दी जाए, तो यह हिमाचल का सबसे स्वादिष्ट व्यंजन बन जाता है।
हम बात कर रहे हैं कढ़ी की, जिसे इसमें शामिल कर हिमाचल का पारंपरिक व्यंजन और जायकेदार बन जाता है। मक्की दी रोटी, सरसों दा साग और कढ़ी। हिमाचल के यह पारंपरिक व्यंजनों में तो शुमार है ही, लेकिन मेलों में भी अब इस व्यंजन को काफी पसंद किया जा रहा है। यही वजह है कि हिमाचल में होने वाले मेलों अब इस व्यंजन के स्पेशल स्टॉल लगाए जा रहे हैं।
राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला बिलासपुर में लक्ष्मी-2 स्वंय सहायता समूह द्वारा पारंपरिक व्यंजनों जिसमें मक्की की रोटी, सरसों का साग और कढ़ी इत्यादि शामिल है, जिसका स्टाल लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पहल से समूह की महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक सशक्तीकरण का भी अवसर मिल रहा है।
समूह की प्रधान तृप्ता देवी ने बताया कि मक्की की रोटी बनाने के लिए घराट में पिसे मक्की के आटे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भोजन का स्वाद और गुणवत्ता बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि उनके साथ तीन अन्य महिलाएं जमना देवी, उमा शर्मा और प्रोमिला ठाकुर भी इस कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग दे रही हैं तथा उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है।
समूह द्वारा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे ग्राहकों का विश्वास बढ़ा है। इस बीच स्टॉल में भोजन कर रहे राजीव ठाकुर और रविंद्र गौतम ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से यहां का भोजन कर रहे हैं। उन्होंने मक्की की रोटी, सरसों का साग और कढ़ी की सराहना करते हुए कहा कि भोजन अत्यंत स्वादिष्ट है तथा इसमें देशी घी का प्रयोग किया गया है।
राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला के दौरान लक्ष्मी-2 स्वयं सहायता समूह का यह प्रयास न केवल पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक बेहतरीन कदम साबित हो रहा है।
सिड्डू-कचौरी, सीरा की खुशबू पर फिदा
नलवाड़ी मेला में ओम नम: शिवाय स्वयं सहायता समूह झंडूता द्वारा लगाया गया स्टॉल मेले में आने वाले लोगों के लिए खास आकर्षण बना हुआ है। इस स्टॉल पर पारंपरिक और घर के बने व्यंजनों की खुशबू दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रही है।
समूह की महिलाएं चाय, सिड्डू, कचौरी, सीरा, सेवइयां और घर का बना हुआ आचार तैयार कर बेचा जा रहा है। इन व्यंजनों में स्थानीय स्वाद और पारंपरिक पकवानों की झलक दिखाई दे रही है, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। मेले में आने वाले पर्यटक और स्थानीय लोग इन उत्पादों की सराहना करते नहीं थक रहे हैं और स्वाद का भरपूर आनंद ले रहे हैं।

