चार नए कानून सदन में लाने की पूरी तैयारी, आज मंत्रिमंडल की बैठक में होगी चर्चा, मंजूरी के बाद विधानसभा में रखे जाएंगे विधेयक

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सेशन से पहले आज मंत्रिमंडल की बैठक में होगी चर्चा, मंजूरी के बाद विधानसभा में रखे जाएंगे विधेयक।

हिमखबर डेस्क 

मंत्रिमंडल की बैठक सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी। चल रहे बजट सत्र के बीच इस बैठक को करने की जरूरत इसलिए पड़ रही है, क्योंकि जो नए बिल विधानसभा में रखे जाने हैं, उनको कैबिनेट से मंजूरी जरूरी होगी।

राज्य की नई औद्योगिक नीति से संबंधित मामला भी कैबिनेट में चर्चा के लिए आ सकता है। स्कूलों और कॉलेजों के युक्तिकरण के अलावा स्वास्थ्य विभाग में नई भर्ती के कुछ एजेंडा भी होंगे।

राज्य सरकार बजट सत्र में चार नए कानून या तो ला सकती है या संशोधन के जरिए इन्हें बदला जा सकता है। हिमाचल में पंचायत चुनाव लडऩे के लिए चिट्टे की तस्करी में पकड़े गए लोगों को चुनाव लडऩे से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

यह फैसला उन लोगों के लिए लिया जाएगा, जिन पर कोर्ट द्वारा आरोप तय हो चुके हैं। पंचायती राज विभाग ने यह ड्राफ्ट विधि विभाग में भेजा था, लेकिन इसे ऑब्जेक्शन के साथ फिलहाल लौटा दिया गया था। राज्य सरकार आगामी चुनाव से पहले इस संशोधन को लागू करना चाहती है।

शिमला रोड यूजर एंड पेडेस्ट्रियन एक्ट में भी संशोधन करने का प्रस्ताव है, ताकि इसमें फाइन बढ़ाया जा सके।राज्य सरकार सोलर पावर प्रोजेक्ट लगाने की तरफ कदम बढ़ा रही है।

ऐसे में इन परियोजनाओं को लैंड सीलिंग दायरे से बाहर निकालने के लिए भी एक प्रस्ताव चल रहा है। इसके ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी दी जा सकती है। बड़े सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए कई बार ज्यादा जमीन की जरूरत होती है, इसीलिए इस बारे में सोचा जा रहा है।

उद्योग विभाग को भी पहली बार अपना एक्ट मिलने जा रहा है। इस ड्राफ्ट पर विभाग पिछले एक महीने से काम कर रहा था। इसलिए यह संभव है कि नई औद्योगिक पॉलिसी को इस एक्ट का ही हिस्सा बनाया जाए।

इनमें से कितने ड्राफ्ट इस कैबिनेट में क्लियर होते हैं, यह सोमवार को ही पता चलेगा। कैबिनेट की बैठक के बाद दोपहर बाद फिर विधानसभा का बजट सत्र शुरू होगा।

पेट्रोल और डीजल पर सेस को लेकर भी होगा फैसला

राज्य सरकार सोमवार को बजट सत्र में पेट्रोल और डीजल पर नया सेस लगाने के लिए विधेयक को पारित करवाएगी। इसकी तहत पेट्रोल और डीजल पर अनाथ एवं विधवा उपकर के नाम से सेस लगाया जा रहा है, जो अधिकतम प्रति लीटर पांच रुपए तक हो सकता है।

नई बात यह है कि इस उपभोक्ताओं पर लगाने के बजाय पेट्रोल पंप पर लगाया जा रहा है। फस्र्ट प्वाइंट ऑफ़ सेल होने के कारण पेट्रोल पंप वाले इसे सीधे उपभोक्ता पर नहीं लगा सकते।

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