धर्मशाला – हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के धर्मशाला कैंपस के निर्माण के लिए लंबित 27 करोड़ रुपये का मुद्दा एक बार फिर सियासत में उबाल ला रहा है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा पेश किए गए बजट में सीयू के लिए राशि का कोई प्रावधान नहीं है। इससे युवाओं, छात्र संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
पिछले चार वर्षों से वन विभाग को जमा करवाई जाने वाली यह राशि सीयू के स्थायी परिसर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
हैरानी की बात यह है कि केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 250 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पहले ही स्वीकृत कर चुकी है। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा अपने हिस्से की मामूली राशि जमा न करवाने से निर्माण अधर में लटका है।
शिक्षा जगत और स्थानीय जनता को उम्मीद थी कि इस बजट में मुख्यमंत्री धर्मशाला कैंपस का रास्ता साफ करेंगे, लेकिन बजट घोषणाओं में सीयू का जिक्र न होने से एक बार फिर निराशा हाथ लगी है।
हठधर्मिता के कारण रुकी बड़ी परियोजना : डॉ. राजीव
केंद्र सरकार ने सीयू के लिए 250 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है और टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपने हिस्से के मात्र 27 करोड़ रुपये जमा नहीं करवा रही है।
जनता को उम्मीद थी कि इस बजट में प्रावधान होगा, लेकिन मुख्यमंत्री की हठधर्मिता के कारण यह महत्वपूर्ण शिक्षा परियोजना रुकी हुई है।
शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार : अभिनव
प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। धर्मशाला कैंपस के निर्माण के लिए वन विभाग को दी जाने वाली राशि का प्रावधान आज तक नहीं हो पाया। बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन मुख्यमंत्री ने एक बार फिर छात्रों को मायूस किया है। यह देरी क्षेत्रीय विकास और छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। –अभिनव चौधरी, प्रदेश सह मंत्री, एबीवीपी
जल्द राशि जमा होने की है पूरी उम्मीद : सन्नी शर्मा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जो बजट पेश किया है, वह जनहितैषी है। हालांकि बजट में सीयू के धर्मशाला कैंपस के लिए जमा करवाई जाने वाली राशि का सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन हमें मुख्यमंत्री से पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही इस लंबित राशि को जमा करवाएंगे ताकि कैंपस निर्माण का रास्ता साफ हो सके। –सन्नी शर्मा, अध्यक्ष, एनएसयूआई
बजट छात्रों के लिए निराशा जनक : दीपक
बजट में सीयू को लेकर किसी भी प्रकार का स्पष्ट उल्लेख न होना छात्रों और शिक्षा जगत के लिए निराशाजनक है। 27 करोड़ रुपये की घोषित राशि के अब तक जमा न होने के आरोपों ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। मुख्यमंत्री को चाहिए था कि वे बजट में सीयू के निर्माण में बाधा बनी इस राशि को जारी करते। –दीपक चौधरी, युवा

