धर्मशाला, 20 मार्च – हिमखबर डेस्क
उप निदेशक पशुपालन सीमा गुलेरिया ने पशुपालन विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा अधिसूचित पशु मित्र नीति-2025 के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि पशु मित्र का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण होता है, जिसमें बड़े पशुओं जैसे गाय, भैंस और घोड़ों का प्रबंधन, बीमार पशुओं की देखभाल, लगभग 25 किलोग्राम तक वजन वाले पशुओं को संभालना तथा 50 किलोग्राम तक चारे के बैग का परिवहन शामिल है। इन कार्यों के लिए न्यूनतम शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति आवश्यक है, ताकि कार्यकर्ता और पशुधन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि नीति के तहत निर्धारित शारीरिक परीक्षण किसी प्रकार की प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक कार्यात्मक फिटनेस आकलन है, जिसका उद्देश्य केवल उम्मीदवारों की न्यूनतम कार्य क्षमता का परीक्षण करना है। यह सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होता है और इसका उद्देश्य किसी भी वर्ग को हतोत्साहित करना नहीं है।
उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 315 अभ्यर्थियों के शारीरिक परीक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं और किसी भी अभ्यर्थी के घायल होने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। विभाग द्वारा परीक्षण स्थलों पर सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए गए हैं।
सीमा गुलेरिया ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की व्यापक समीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं स्पष्ट बनाने के उद्देश्य से 6 मार्च 2026 की अधिसूचना के माध्यम से कुछ प्रावधानों में संशोधन किया है। इसके तहत पुरुष अभ्यर्थियों को 5000 मीटर दौड़ 30 मिनट में पूरी करनी होगी जबकि महिला अभ्यर्थियों को 1500 मीटर दौड़ 10 मिनट में पूरी करनी होगी।
इसके अलावा जो अभ्यर्थी पहले आयोजित शारीरिक परीक्षण में सफल हो चुके हैं, उन्हें संशोधित नीति के तहत भी योग्य माना जाएगा। जो अभ्यर्थी पहले सफल नहीं हो सके, उन्हें नए प्रारूप के तहत फिर से अवसर प्रदान किया जाएगा।
उप निदेशक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी, सुरक्षित और न्यायसंगत भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, जिससे योग्य अभ्यर्थियों का चयन हो सके और पशुपालन क्षेत्र को मजबूती मिले।

