सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के गिरिपार क्षेत्र के डसाकना गांव से संबंध रखने वाले और हाटी समुदाय के लिए समर्पित योद्धा, राम सिंह राणा अब हमारे बीच नहीं रहे। 9 दशक से अधिक का खुशमिजाज़ और जिंदादिल जीवन जीने वाले राणा ने 94 वर्ष की आयु में शनिवार सुबह करीब 8 बजे अपने हरिपुरधार स्थित निवास स्थान पर अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। दिवंगत राणा अपने पीछे हिम्मत, मुस्कराहट, अपनापन और आत्मीयता जैसे अमूल्य गुण छोड़ गए हैं, जिसके कारण हर कोई उनकी मिलनसार प्रवृत्ति का कायल था। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे, लेकिन जीवन के अंतिम क्षणों तक उनकी जिंदादिली कायम रही।
राणा का सार्वजनिक जीवन जनसेवा को समर्पित रहा। वह जनसंघ के सक्रिय सदस्य थे और जब जनसंघ का विलय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में हुआ, तब वह रेणुका भाजपा के संस्थापक सदस्य बने। उन्होंने पार्टी में विभिन्न पदों पर बड़ी कुशलता से अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जिसमें मंडल उपाध्यक्ष से लेकर जिला सचिव तक का कार्यभार शामिल है। उनका राजनीतिक सफर निष्ठा और समर्पण का प्रतीक रहा।
दिवंगत राणा को अपनी हाटी संस्कृति से गहरा लगाव था और इसे बढ़ावा देने में उनका योगदान सराहनीय रहा। तीन वर्ष पूर्व जब गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मुहिम ज़ोरों पर थी, तब उन्होंने एक अनुभवी मार्गदर्शक के रूप में इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनका जाना हाटी समुदाय और संस्कृति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और इस दुःख की घड़ी में उनके शोकाकुल परिवार को यह असहनीय पीड़ा सहने की शक्ति दें।

