हिमखबर डेस्क
वनडे विश्व कप में जिस सपने को रोहित शर्मा की टीम ने देखा था, वह तो पूरा नहीं हो सका था, लेकिन हरमनप्रीत कौर की टीम ने देश का यह सपना पूरा कर दिया है।
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने वनडे वल्र्ड कप में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब जीत लिया है। इसी के साथ वूमन्स टीम इंडिया का वह सपना भी पूरा हो गया है, जो 2005 और 2017 में पूरा होते-होते रह गया था।
टीम इंडिया की विश्व कप की खिताबी जीत सममुच में अदभुत है। टीम ने जो मेहनत की थी, उसने कामयाबी का रस चख लिया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि विश्व कप जीतने की यह पटकथा अभी की नहीं, बल्कि इसकी शुरूआत तीन साल पहले लिखनी शुरू की गई थी, जो अब जाकर जीत के साथ पूरी हुई है।
दरअसल, तीन साल पहले बीसीसीआई ने एक फैसला लिया, जिसने भारतीय महिला टीम के हौसलों को नई उड़ान दी। हालांकि उस वक्त भारतीय क्रिकेट बोर्ड को कई आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, पर कहते हैं न कोई भी बड़ा फैसला आलोचनाओं से घिरा रहता है, लेकिन उसके नतीजे बाद में सभी क्रिटिक्स पर विराम लगा देते हैं और कल भी वही हुआ।
क्या था BCCI का फैसला
दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पुरुष और महिला क्रिकेट में चली आ रही असमानता को खत्म करने का फैसला लिया था। अक्तूबर, 2022 में बीसीसीआई ने पुरुष और महिला क्रिकेटर्स की सैलरी में चल रहे बड़े फासले पर एक बड़ा फैसला लिया था।
सैलरी में चल रही असमानता को लेकर बीसीसीआई ने पुरुष और महिला क्रिकेटर्स की सैलरी एक समान कर दी, जिसका नतीजा यह हुआ कि वूमंस टीम के हौसले बुलंद हो गए, मानसिक और आर्थिक रूप से मजबूती मिली, जिसने विश्वकप की ट्रॉफी भारत की झोली में डाल दी।
कितनी सैलरी मिलती है
महिला क्रिकेटर्स को अब पुरुष खिलाडिय़ों की तरह ही मैच फीस दी जाती है। यानी कि एक टेस्ट मैच के लिए हर खिलाड़ी को 15 लाख रुपए दिए जाते हैं। इसी तरह वनडे के लिए छह लाख और टी-20 मैच के लिए तीन लाख रुपए प्रति खिलाड़ी दिए जाते हैं। हालांकि ए, बी और सी ग्रेड के खिलाडिय़ों की सैलरी में पुरुष के मुकाबले महिला प्लेयर्स की फीस में काफी अंतर है।
विश्व विजेता टीम पर करोड़ों की बरसात
बीसीसीआई ने विश्व कप विजेता टीम और कोचों के लिए 51 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया है। इसके अलावा बाकी पुरस्कार अलग हैं। यानी कि टीम के खिलाडिय़ों पर करोड़ों रुपए की बरसात हो गई है।

