बद्दी उपमंडल में पहली बार मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, मीडिया और चेयरमैन सुरजीत चौधरी की अनदेखी, विधायक राम कुमार ने साधी चुप्पी

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बद्दी उपमंडल में पहली बार मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, मीडिया और चेयरमैन सुरजीत चौधरी की अनदेखी, विधायक राम कुमार ने साधी चुप्पी

रजनीश ठाकुर – बद्दी 

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम बद्दी में उपमंडल स्तर पर पहली बार मनाया गया। जहां पर कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से मनाया गया। स्कूली बच्चों के साथ विधायक राम कुमार चौधरी ने झण्डा फहराया और लोगों को संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार आपदा से निपटते निपटते प्रदेश को सुचारू रूप से चला रही है। इस मौके पर बद्दी का प्रशासन और पुलिस विभाग की तरफ से एडिशनल एसपी बद्दी अशोक वर्मा भी मौजूद रहे।

पहली बार बद्दी उपमंडल में मनाया स्वतंत्रता दिवस लेकिन पत्रकारों की अनदेखी नायब तहसीलदार बोले भूल गए कुर्सियां लगाना 

बद्दी उपमंडल में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाने के उपरांत इस कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की धज्जियां भी उड़ती हुई नजर आई। सबसे पहले तो इस कार्यक्रम में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के लिए कुर्सियां ही नहीं लगी।

जब पत्रकारों ने इसका विरोध किया तो नायब तहसीलदार ने आकर कहा कि वे कुर्सियां लगाना भूल गए और जहां तहां से इकट्ठी करके कुर्सियां लगाकर पत्रकारों को बिठाया गया।

आखिर क्यों अनदेखे किए गए नगर परिषद बद्दी अध्यक्ष सुरजीत चौधरी क्या प्रशासन के ऊपर कोई राजनीतिक दबाव, या प्रशासन की विपरीत बुद्धि विनाश काले बाली कहावत होगी सच❓

बता दे कि हद तो तब हो गई जब मंच पर आसीन सभी लोगों को सम्मानित किया गया, लेकिन वर्तमान में नगर परिषद बद्दी के अध्यक्ष सुरजीत चौधरी सब का मुंह ताकते रहे की अपनी की पार्टी मैं अनदेखी होती रही इतना सब कुछ होने के बाद सुरजीत चौधरी कार्यक्रम छोड़कर चले गए।

आखिर ऐसा क्या हुआ क्यों हुआ, यह तो आने वाला वक्त बताएगा लेकिन साफ-साफ देखने से पता चलता है की दून की राजनीति में सुरजीत चौधरी से नेताओं को खतरा तो नहीं महसूस हो रहा, लेकिन अब विधायक राम कुमार की चुप्पी तोड़ेंगे या इशारा कोई ओर रहेगा यह तो समय बताएगा कि क्या कारण रहे।

वहीं दूसरी तरफ बद्दी प्रशासन भी मौन ही रहा। अधिकारी बयान तो देने को तैयार नहीं पर पत्रकारों ने कार्यकारी एसडीएम का बयान लेने के लिए निजी सहायक से फोन नंबर मांगना चाहा तो निजी सहायक ने कहा वॉट्सएप भेजते है लेकिन खबर लिखे जाने तक नंबर नहीं आया। जिससे कही ना कही प्रशासन इस वाक्य प्रकरण से भी बचना चाह रहा था।

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