अरनी यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की साजिश, दो छात्र गुटों की झड़प को दिया जा रहा सांप्रदायिक रंग

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धर्मशाला में बोले चांसलर, दो छात्र गुटों की झड़प को दिया जा रहा सांप्रदायिक रंग

इंदौरा – मोनू ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के इंदौरा में स्थित अरनी यूनिवर्सिटी में दो छात्र गुटों की झड़प को राजनीतिक व सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। अरनी यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. विवेक सिंह ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में बताया कि मामले की विश्वविद्यालय प्रशासन व पुलिस उचित कार्रवाई कर रही है।

शुरुआती जांच में दस छात्रों को लड़ाई-झगड़े में संलिप्त होने पर संस्पेंड कर दिया है, जबकि जांच कमेटी मामले को लेकर गहन जांच पड़ताल कर रही है। चांसलर डा. सिंह ने कहा कि बाहरी लोगों ने यूनिवर्सिटी के कैंपस में घुसकर मामले को ओर अधिक भडक़ाने का प्रयास किया है, जिसमें उन्होंने सरकार, प्रशासन व पुलिस विभाग से उचित कार्रवाई की मांग रखी है।

अरनी यूनिवर्सिटी के चांसलर डा. विवेक सिंह ने बताया कि पहली जनवरी को उन पर हुए हमले के तहत ही यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। छह अक्तूबर को दो छात्र गुटों में कुछ कहासुनी के बाद लड़ाई-झगड़ा होने की बात सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पुलिस के साथ मिलकर मामले को सुलझा लिया था।

उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक बयानबाजी व नारेबाजी छात्रों की ओर से कैंपस में नहीं की गई थी। चांसलर ने बताया कि इस मामले में जांच पड़ताल में जुटी जांच कमेटी को भी किसी तरह नारेबाजी को लेकर कोई वीडियो व अन्य सबूत नहीं मिले हैं।

उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे पुलिस

अरनी विश्वविद्यालय की बाउंडरी वॉल जमीनी डिमार्केशन न होने से अधूरी है, जिससे बाहरी लोग भी विश्वविद्यालय में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने सरकार व प्रशासन को भी इस विषय को लेकर मदद करने की बात रखी है। उन्होंने सरकार व पुलिस विभाग से उपद्रवियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग रखी है।

सोशल मीडिया पर विश्वविद्यालय का किया जा रहा दुष्प्रचार

डा. विवेक सिंह ने कहा कि दो गुटों में हुई लड़ाई को लेकर जांच कमेटी गठित जांच कर रही है, जो कि पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अरनी विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी में एंटी इंडिया व सांप्रदाय को लेकर किसी भी प्रकार की बात का कोई स्थान नहीं है।

विभिन्न संप्रदाय के छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ते है, बावजूद इसके भारत विरोधी किसी भी बात का कोई स्थान नहीं है। इसी वर्ष पहली जनवरी को उन पर एक दर्जन के करीब लोगों ने जानलेवा हमला भी किया था, ऐसे में एक बार फिर से विवि को बदनाम करने का प्रयास भी हो सकता है। छात्रों को भडक़ाने व सांप्रदाय का नाम लेकर लड़ाने का काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया में भी दुष्प्रचार भी किया जा रहा है।

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