कुल्लू – अजय सूर्या
भारत में प्रेम विवाह की अवधारणा को अब तक पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया गया है। कई लोग आज भी इसे बुरा मानते हैं। खासकर अगर यह शादी अंतरजातीय हो या जब दो अलग-अलग धर्मों के लोग शादी करते हैं तो उन्हें कई सामाजिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।
कई मामलों में तो घरवाले इसे मान-सम्मान का मुद्दा भी बना देते हैं। ऐसे समय में परिवार की मर्जी के खिलाफ कई प्रेमी जोड़े एक-दूसरे के साथ रहने के लिए घर से भाग जाते हैं और फिर डर के साये में जीते रहते हैं। ऐसे में अगर आप भी किसी से प्यार करते हैं और घर बसाने के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में हैं तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है।
भारत में एक ऐसी जगह है, जहां प्रेमी जोड़े को सुरक्षा दी जाती है। यह जगह है हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित शंगचुल महादेव मंदिर… इस मंदिर में देशभर से प्रेमी जोड़े भागकर आते हैं। उन्हें यहां आवास और भोजन दिया जाता है। इस मंदिर में प्रेमी जोड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता है।
घर से भागे हुए युवक-युवतियों के लिए यह सबसे सुरक्षित जगह मानी जाती है। जो भी प्रेमी जोड़ा घर से भागकर इस मंदिर में शरण लेता है, उसकी यहां देखभाल की जाती है। गांव के लोग प्रेमी जोड़े का बहुत आदर-सत्कार करते हैं। इसके पीछे एक खास वजह है।

दरअसल, इस गांव के लोगों का मानना है कि अगर उन्होंने प्रेमी जोड़े को आश्रय नहीं दिया तो भगवान नाराज हो जाएंगे। मान्यता के अनुसार पांडव इस गांव में शरण लेने आए थे। तब लोगों ने उन्हें इस मंदिर में छिपा दिया. जब कौरव यहां आए तो स्वयं शंगचुला महादेव ने उन्हें गांव में आने से रोका। उन्होंने कहा, ‘जो भी उनकी सुरक्षा में आएगा, वह उनकी रक्षा करेंगे।’
इसी मान्यता के आधार पर आज भी यहां शरण लेने वाले लोगों की रक्षा की जाती है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। यहां हर प्रेमी जोड़े को भोजन और आवास की व्यवस्था की जाती है। इस गांव में पुलिस का प्रवेश बंद है। गांव में कोई भी हथियार ले जाना प्रतिबंधित है। साथ ही यहां कोई भी ऊंची आवाज में बात नहीं कर सकता इसलिए प्रेमी जोड़े के लिए यह सबसे अच्छी जगह मानी जाती है।

