जनाब आज तक कई सरकारे आई कई सरकारे चली गई किसी ने सुध नहीं ली, इस गांव में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे चारपाई पर सड़क तक पहुंचाया जाता है, पिछले 50 वर्षों में धरातल पर क्या काम हुआ?
कोटला – व्यूरो
जहाँ एक ओर सरकारों द्वारा जनकल्याण योजनाएं चलाई जाती है लेकिन वह योजनाएं तब दम तोड़ जाती है जब लोगों को उनका लाभ नहीं मिल पाता। ज्वाली विधानसभा की पंचायत भाली के तहत गांव लियूनी के लोग आज भी सड़क तो दूर पैदल के लिए भी पक्का रास्ता तक नहीं है।
लोगों को यहां रहते हुए 50 के करीब वर्ष हो गए है और इस बीच कई सरकारें आई और चली गई लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने इनकी कोई सुध नहीं ली।गांव के बीच खड्ड पड़ती है जिसमे पुल न होने के कारण स्कूली बच्चे कई कई दिन तक स्कूल नहीं जा पाते। गांव में करीब 25 से 30 परिवार रहते हैं। ऐसा नहीं कि यहां कोई नेता नहीं पहुंचता, पहुंचते तो है लेकिन चुनावों के समय मे उंसके बाद कोई नहीं दिखता।

स्थानीय ग्रामीणों दर्शन कुमार, जोगिंद्र राणा, सूरत सिंह, विपन कुमार, सीमा देवी, कर्मचंद, रेशमो देवी, सपना देवी, रिनु देवी, बेबी देवी, बाली देवी, सोम कुमार, महिंदर कुमार, विजय कुमार, रवि कुमार, जोगिंदर कुमार, सुरेश कुमार, कार्तिक, आयुष, भागो राम, ओम प्रकाश, देव दत्त, करनैल सिंह, सुनीता देवी, सोनू कुमार ने बताया कि आज तक केवल आश्वासन ही मिले है, धरातल पर कोई कार्य नहीं हुआ।
उंन्होने बताया कि जब गांव में कोई बीमार हो जाता है तो उसे चारपाई तक मुख्य सड़क तक पहुंचाया जाता है। कई लोग बीमारी के कारण घर नहीं जा पाते बल्कि भाली में किराए के मकान में रह रहे है। उंन्होने बताया कि कई बार पंचायत में भी गुहार लगा चुके है लेकिन आज तक किसी ने कोई सुनवाई नहीं की।

उंन्होने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू,पंचायती राज विभाग के मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण विभाग के मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक व मंत्री चौधरी चन्द्र कुमार से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द पुल व सड़क मार्ग का निर्माण करवाया जाए।

