सीएम ने प्रदेशवासियों से मिलजुलकर रहने की अपील की, सांस्कृतिक दलों के कार्यक्रमों ने बांधा समां
शिमला – नितिश पठानियां
प्रदेश में 77वां हिमाचल दिवस सोमवार को हर्षोल्लास व उत्साह के साथ मनाया गया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की अध्यक्षता की तथा राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मार्च पास्ट की सलामी ली।
इस अवसर पर परेड कमांडर, आईपीएस अभिषेक के नेतृत्व में राज्य पुलिस, होमगार्ड, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स और एनसीसी कैडेटों की टुकड़ियों द्वारा भव्य मार्च पास्ट प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

सुक्खू ने जनता को किया संबोधित
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई दी है। शिमला में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना है।
वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। वर्ष 2032 तक हिंदुस्तान को देश का सबसे अमीर राज्य बने इसकी कामना करते हैं। प्रदेशवासियों से अपील है कि सब मिलजुलकर आत्मनिर्भर व समृद्धशाली हिमाचल बनाएं।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी बधाई
प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह खूबसूरत राज्य 15 अप्रैल, 1948 को 30 छोटी-बड़ी पहाड़ी रियासतों के विलय के साथ अस्तित्व में आया था। राज्य की समृद्ध संस्कृति, उच्च परम्पराएं और असीम प्राकृतिक सौंदर्य, देवभूमि की विशिष्ट पहचान है। राज्य की वास्तविक शक्ति यहां के ईमानदार, कर्मठ और विकासशील लोग हैं और यहां शांतिपूर्ण वातावरण व सामाजिक सौहार्द है, जो इस पहाड़ी राज्य को दूसरों से अलग बनाता है।

विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकते हैं देश: शुक्ल
शुक्ल ने कहा कि युवा ही राष्ट्र की असली संपत्ति हैं, जो देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। इस सामाजिक बुराई के खिलाफ हमें मिलकर काम करना चाहिए। इसके लिए, शिक्षण संस्थान, समाज के सभी वर्ग और युवाओें को जोड़कर एक प्रभावी संदेश देना होगा ताकि उनकी ऊर्जा व सामर्थ्य का राष्ट्र निर्माण में सदुपयोग हो सके।
राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से किया ये आग्रह
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूती से पहल करें और प्रदेश को और सशक्त बनाने में योगदान दें। राज्यपाल ने प्रदेश के उन महान सपूतों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने हिमाचल प्रदेश के विकास में योगदान दिया है। उन्होंने राज्य के महान स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

ये रहे उपस्थित
स्वास्थ्य मंत्री (कर्नल) धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लेडी गवर्नर जानकी शुक्ल, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुण्डू, प्रधान सचिव, सचिव सहित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

