बकलोह – भूषण गुरुंग
हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले गोर्खाली समाज के लोगो का आज से पांच दिवसीय होली का पर्व शुरू हुआ। ये पांच दिवसीय होली का पर्व पूरे पांच दिन तक मनाया जाता है। आज से सभी घरों के मुख्या सुबह नहा धोकर सब से पहले अपने कुल की देवी औऱ घरों मे रखे हुय देवी देवताओं के पूजन के बाद उनको को लाल रंग का गुलाल अर्पित करते हैं।
साथ ही जो भी मिष्ठान जैसे सैलरोटी, गुजिया, नमकीन, मटर, खजूर, रसगुले, जलेवी के अलावा जो भी अपने घरों मे मिष्ठान बनाया जाता है, उनको सभी देवताओं को चढ़ाने के बाद अपने सभी परिबार के सदस्यों को बिठाकर सभी के माथे में लाल, हरा औऱ पीला रंग का गुलाल का टीका लगाकर होली का पर्व का शुभ आरम्भ किया जाता है।
अपने सभी सगे संबंधियों को घर में न्यौता देकर होली का पर्व को मनाया जाता है। घर में आने वाले सभी रिस्तेदारो को होली का टीका लगाने के बाद सभी का जलपान औऱ मिष्ठान परोसे जाते हैं। अंतिम पांचवे दिन में रात को होलिका दहन के बाद सुबह जमकर होली खेली जाती है।
सभी गॉव के लोग टोलियां बना कर एक दूसरे के घरों में जा जाकर सभी को होली का गुलाल लगाकर गले मिल कर एक दूसरे को बधाई देते हैं और खूब नाच गाना करते हुए सभी लोगो के लिये सभी घरो में जल पान का इंतज़ाम किया जाता है।जलपान करने के बाद सभी होली पर्व की शुभकामनाएँ देते हुये सभी लोग अपने अपने घरों की ओर चल देते है।

