सिहुंता – अनिल संबियाल
राजकीय माध्यमिक पाठशाला जंगला में बुधवार को आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान आत्मरक्षा प्रशिक्षिका श्वेता भारद्वाज ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संकटकाल में खुद की सुरक्षा बिना आत्मविश्वास के नहीं की जा सकती।
दरअसल, आत्मरक्षा के सभी उपायों के प्रभावी ढंग से इस्तेमाल के लिए आत्मविश्वास सबसे जरूरी है। छात्राएं अगर छोटी छोटी बातों को नजरअंदाज करने की बजाय आत्मविश्वास से प्रतिकार करना सीख लें तो कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाएगा।
वहीं आत्मरक्षा प्रशिक्षिका मधु जरियाल ने छात्राओं को दुश्मन पर काबू करने के दांव पेंच बताते हुए कहा कि आपका पेन, दुपट्टा भी बचाव का कारगर हथियार बन सकता है।
प्रशिक्षिका श्वेता भारद्वाज और मधु जरियाल ने छात्राओं को पंच, किक, अटैक और डिफेंस आदि के तरीकों का प्रदर्शन कर दुश्मन पर काबू पाने के गुर सिखाए। इसके अलावा लाठी, डंडा,चाकू आदि हथियारों के वार से बचने का तरीका भी समझाया।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला जंगला के शारीरिक शिक्षा शिक्षक वीरेंद्र ठाकुर ने छात्राओं को आपात, स्थिति में चाबी हेयरपिन, पेन व हेयर किलक को हथियार के रूप में प्रयोग करने की जानकारी दी।
राजकीय माध्यमिक पाठशाला जंगला के पाठशाला प्रभारी संजय कुमार ने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा। बेटियों को मजबूत स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह एक सराहनीय प्रयास है।

