काँगड़ा – राजीव जस्वाल
शरण कॉलेज ऑफ एजुकेशन फॉर वूमेन घुरकड़ी (कांगड़ा) में 9 मार्च को आई क्यू ए सी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ ) के सौजन्य से *नेक प्रिप्रेशन फॉर टीचर एजुकेशन विषय पर आधारित फैकेल्टी डेवलेपमेंट प्रोग्रेम का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य वक्ता डॉ अतुल ठाकुर (असिस्टेंट प्रोफेसर जीसीटीई धर्मशाला) डॉ अनूप कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर जीसीटी ई धर्मशाला) रहे। जिन्हेंने अपने व्याख्यान के माध्यम से नैक NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापन परिषद) संबंधित रिपोर्ट के सारे पहलुओं पर चर्चा की।
उन्होंने नैक मान्यता के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए सभी पहलुओं से रूबरू करवाया। उन्होंने कहा नैक का मूल्यांकन सात प्रमुख मापदंडों पर आधारित होता है।शिक्षा संस्थान के लिए नैक मान्यता प्राप्त करने के कई लाभ हैं। सतत मूल्यांकन प्रक्रिया का उपयोग करने से नेक मान्यता संस्थान को अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों की पहचान करने में मदद करती है।
संसाधनों के उचित आबंटन की आवश्यकता को समझने में सहायता प्रदान करती है ।इस कार्यशाला में अध्यापन से जुड़े अध्यापकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत मां सरस्वती की चरणों में दीप प्रज्वलित कर हुई।ततपश्चात सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ सुमन शर्मा ने कार्यक्रम में आए शिक्षित जन का पुष्प गुच्छ देकर हार्दिक अभिनन्दन किया। एकेडमिक डारेक्टर मलिका शर्मा सैनी ने भी अतिथियों का अभिनंदन किया।
अंत में कॉलेज प्राचार्य डॉ सुमन शर्मा ने मुख्य प्रवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेमीनार बहुत ही लाभदायक रहा। आप जैसे योग्य व गुणी प्रवक्ताओं के सहयोग से ही हम आज का यह सेमीनार करवाने में सक्षम हुए हैं।

