मंडी – अजय सूर्या
शिवरात्रि से ठीक एक माह पहले बाबा भूतनाथ मठ मंदिर में घृत मंडल श्रृंगार की रस्में शुरू हो जाती हैं। इस वर्ष आज तारा रात्रि की मध्य रात्रि को बाबा भूतनाथ का घृत मंडल के रूप में श्रृंगार किया गया। जिसमें बाबा का श्रंगार पूरा महादेव के रुप में किया गया। जिस दौरान सुबह से ही शिवभक्तों का मंदिर में दर्शन करने का आना जाना लगा रहा।
उन्होंने बताया कि बाबा के अलग अलग श्रंगार में देश के शिवालयों की झलक दिखाई जाएगी। दयानंद सरस्वती मंहत ने बताया कि इस पूरा महादेव का इतिहास रहा है। जिसके बारे में उन्होंने कहा कि काफी पहले मेरठ में पूरा महादेव मंदिर में कजरी वन हुआ करता था।
इसी वन में जमदग्नि ऋषि अपनी पत्नी रेणुका सहित अपने आश्रम में रहते थे। रेणुका प्रतिदिन कच्चा घड़ा बनाकर हिंडन नदी नदी से जल भर कर लाती थी। वह जल शिव को अर्पण किया करती थी। हिंडन नदी, जिसे पुराणों में पंचतीर्थी कहा गया है और हरनन्दी नदी के नाम से भी विख्यात है। उन्होंने कहा कि इन श्रंगार से लोगों देश के शिवालयों से अवगत करवाया जा रहा है।

