शहीद राईफलमैन अंकेश भारद्वाज वैटरन सैनिक गांव सेऊ में पुष्प अर्पित कर रखेंगे 2 मिनट का मौन

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बिलासपुर 03 फरवरी – सुभाष चंदेल

हिमाचल प्रदेश वैटरन सैनिक कल्याण एंव विकास समिति के प्रदेशाध्यक्ष व युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन (जेसीओ ओ-आर) हिमाचल प्रदेश के वाईस चेयरमैन वैटरन कैप्टन बालक राम शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कि बताया कि हम संयुक्त मंच सदस्य समिति मेंबर गांव सेऊ में शहीद अंकेश भारद्वाज के घर गांव सेऊ मेें 9 फरवरी को पुष्प अर्पित कर 2 मिन्ट का शांतिमौन रखकर हार्दिक श्रद्धापूर्वक श्रध्दांजलि देंगें।

समिति अध्यक्ष व सदस्य अंकेश भारद्वाज की माता कश्मीरी देवी व पिता बीएसएफ से सेवानिवृत्त हुए बांचा राम भारद्वाज से मिले और पुरा विवरण लिया माता कशमीरी देवी के आंसू वैह रहे थे कयोंकि एक सपूत सर्वोच्च बलिदान देकर शहादत पा गया है याद आते ही आंसू तो थे ही परन्तु साथ में कहा कि हमें गर्व है हमारा बेटा सर्वोच्च बलिदान के साथ देश को समर्पित हुआ।

शहीद राईफलमैन अंकेश भारद्वाज का जन्म 06 सितम्बर 2000 को सेऊ गांव में हुआ। बाल्य जीवन की शुरूआत सैन्य पारिवारिक वातावरण में होने के साथ प्रारम्भिक शिक्षा टैगोर पब्लिक स्कूल देलग से दसवीं कक्षा प्राप्त करते हुए 10+2 की शिक्षा हिम सर्वोदय स्कूल घुमारवीं जिला बिलासपुर हि० प्र० 2018 में प्राप्त करके स्वामी विवेकानन्द विश्वविद्यालय कलरी जिला बिलासपुर हि० प्र० से 2018 मे B.Sc की आगामी पढाई शुरू की।

वर्ष 2016 में औलोम्पिक ऐसोशिएशन संस्था की तरफ से राष्ट्रीय स्तर पर 55 किलो ग्राम वनज कुस्ती में एक ब्राउनस मैडल और दो गोल्ड मैडल जीते वर्ष 2017 में ओलंपिक एसोसिएशन संस्था की तरफ से इण्डो नेपाल कुश्ती प्रतियोगिता में जिसमें भारत, नेपाल, भुटान, बग्लादेश और श्री लंका सहित पांच देशों के पहलवानों ने भाग लिया।

इस प्रतियोगिता में भी शहीद अंकेश भारद्वाज ने 55 किलोग्राम वजन कुश्ती में गोल्ड मैडल जीता। बच्चपन से लेकर यौवन तक के सफर में सैन्य दृष्टिकोण की अमित छाप उनके मन में प्रबल रही थी और सैन्य सेवा में प्रवेश को साकार करने के लिए विशेष रुची रही।

लगातार अभ्यास करते हुए 2018 में Sports Quota में जबलपुर सेना भर्ती में चयन होने पर B.Sc Ist Year की पढाई को बीच में छोडकर और बचपन से पल रहे जुनून को साकर करने के लिए अपने पापा, ताया, चाचा, मामा, मौसा के नक्शे कदम पर चल कर देश सेवा को प्राथमिकता देते हुए सैन्य चयन आदेशानुसार 25 जनवरी 2019 को जम्मु कश्मीर राईफल्स प्रशिक्षण केन्द्र जबलपुर (मध्य प्रदेश) में प्रवेश प्राप्त किया।

सफल प्रशिक्षण प्राप्त और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 23 नवम्बर 2019 को एक कुशल युवा सैनिक के तौर पर तिरंगे व जम्मू कश्मीर राईफल्स के झंडे के नीचे अपनी भारत माता की कश्म लेकर अपना तन-मन- धन भारत माता की सेवा में समर्पित करने का प्रण लेकर एक उभरता हुआ जज्वा दिल में पाले हुए एक Volunteer के तौर पर 19 जम्मू कश्मीर राईफल में अपनी पहली डियूटी के लिए पंजाब प्रान्त के जिला अमृतसर में एतिहासिक अन्तराष्ट्रीय सीमा बाघा अटारी बार्डर में रिपोर्ट किया।

युनिट में ज्वाईन करने के कुछ ही महीने में अंकेश भारद्वाज ने अपने कुशल ट्रेनिंग और दम खम का परिचय दिया और उन्हें बटालियन की स्पेसलिस्ट घातक पल्टुन में चयनित किया गया। 19 जम्मू कश्मीर राईफल बटालीयन की वर्तमान तैनाती अरूणाचल प्रदेश के जिला तैमाग के दुर्गम बर्फिले कैमांग सेक्टर भारत चीन अन्तराष्ट्रीय सीमा 18000 फीट की ऊंचाई पर थी।

विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होने के उपरान्त बर्फिले व शुन्य से नीचे तापमान वाले अति दुर्गम क्षेत्र में तैनात होकर सेवा करने का मौका मिला। इस दौरान शहीद अंकेश भारद्वाज की डियूटी Post No. 4646 पर थी। 06 फरवरी 2022 को तकरीबन सुबह 6 बजे 03 जवान अपने एडमिनसटेशन बेस से एल ए सी पर ओ पी डियूटि के लिए जा रहे थे। उनमें से एक जवान बर्फ से ढकी पहाडी रास्ते से निचे खाई में स्नो एबलांच के कारण गिर गया।

प्वाईट 4646 पोस्ट पर तैनान जवानों ने बहादुरी और भाईचारे का परिचय देते हुए तुरन्त एक टीम बनाई और दृढ विश्वास के साथ रैस्क्यु ओपरेशन जारी किया जब उस जवान को निकालने के लिए पहुंचे तो कई लाखों टन वजन वाला एवलॉंच आया। जिसकी गति सीमा ध्वनि (आवाज) से भी तेज होती है। दो या तीन क्षण में ही इन सातों जवानों को 5 से 6 कि०मी० नीचे गहरी खाई में बास करके ले गया।

भारतीय सेना के इन सातों जवानों को बचाने और निकालने के लिए Opration OP Snow Leopard चलाया गया। 06 दिन लगातार आप्रेशन चलाने के बाद शहीद हुए 06 जवानों को निकाल लिया गया और मौसम खराब होने के कारण आप्रेशन रोक दिया गया और सातवे दिन फिर आप्रेशन चलाया गया और सातवें दिन शहीद अंकेश भारद्वाज का शव निकाला गया।

शहीद अंकेश भारद्वाज के इस सर्वोच्च बलिदान और अदम्य साहसिक कार्यवाही के लिए सेना द्वारा Battle Casualty Certificate (युद्ध प्रमाण पत्र) दिया गया। सदस्य- वरिष्ठ सैनिक के अध्यक्ष वैटरन कैप्टन निक्कु राम,जिला प्रभारी सुबेदार रामानंद गेहड़ुवीं इकाई युनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष सुबेदार रणजीत सिंह साथ रहे।

“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वर्ष मेले, वतन पर मिटने वालों का यही एक निशां होगा”
“जय जवान”
“जय जवान अमर जवान”
“भारत माता की जय”

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