हिमखबर डेस्क
सिरमौर जिले के दुर्गम क्षेत्र कोड़गा से निकलकर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की परीक्षा पास करने वाले अनुराग आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। कभी अंग्रेजी बोलने में झिझकने वाला यह छात्र अब भारतीय सेना में अधिकारी बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। कठिन परिस्थितियों, लगातार असफलताओं और आत्मविश्वास की कमी के बावजूद अनुराग ने हार नहीं मानी और अपने सपने को हकीकत में बदलकर दिखा दिया।
शुक्रवार को अनुराग नाहन स्थित शिशु विद्या निकेतन (SVN) स्कूल पहुंचे, जहां स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्कूल परिसर में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। प्रिंसीपल कुंदन ठाकुर सहित स्कूल स्टाफ ने अनुराग का मुंह मीठा करवाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
“लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं”
स्कूल पहुंचे अनुराग ने विद्यार्थियों के साथ अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना बेहद जरूरी है। यदि मेहनत ईमानदारी और निरंतरता के साथ की जाए तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
अनुराग ने बताया कि वह ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और जब उन्होंने 12वीं कक्षा में SVN स्कूल में दाखिला लिया था, तब उन्हें अंग्रेजी बोलने में काफी परेशानी होती थी। NDA जैसी परीक्षा में अंग्रेजी की अहम भूमिका होती है, ऐसे में शुरुआत में उन्हें खुद पर भरोसा नहीं था।
अंग्रेजी अध्यापिका और प्रिंसीपल बने प्रेरणा का स्रोत
अनुराग ने अपनी सफलता का बड़ा श्रेय स्कूल के प्रिंसीपल कुंदन ठाकुर और अंग्रेजी अध्यापिका चंद्रकला को दिया। उन्होंने बताया कि दोनों शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार प्रोत्साहन ने उनकी सोच और आत्मविश्वास को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा कि अध्यापिका चंद्रकला ने उन्हें अंग्रेजी भाषा पर पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार अभ्यास करवाया, जबकि प्रिंसीपल कुंदन ठाकुर ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया। इसी का परिणाम है कि जो छात्र कभी अंग्रेजी बोलने से झिझकता था, आज वही आत्मविश्वास के साथ धाराप्रवाह अंग्रेजी बोल रहा है।
लाइब्रेरी और फ्री वाई-फाई बने तैयारी की ताकत
अनुराग ने बताया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के लिए लाइब्रेरी निशुल्क उपलब्ध करवाई गई थी, जो 24 घंटे खुली रहती थी। इसके अलावा फ्री वाई-फाई सुविधा ने भी उनकी तैयारी में काफी मदद की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों के लिए ऐसी सुविधाएं बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। सही माहौल और संसाधन मिलने से छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।
तीन बार असफल, फिर भी नहीं टूटा हौसला
अनुराग की सफलता का सफर आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि शुरुआती तीन प्रयासों में वह NDA की लिखित परीक्षा तक पास नहीं कर पाए थे। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी कमजोरियों पर काम करते रहे।
उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां इंसान को निराश जरूर करती हैं, लेकिन यदि सपना बड़ा हो तो संघर्ष भी उसी स्तर का करना पड़ता है। आखिरकार चौथे प्रयास में उनकी मेहनत रंग लाई और अप्रैल में जारी मेरिट सूची में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 417 हासिल की।
अब NDA खड़कवासला में होगा प्रशिक्षण
अनुराग अब तीन वर्षों के प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला, पुणे जाएंगे। इसके बाद उन्हें एक वर्ष का प्रशिक्षण भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सेना में अधिकारी बनकर देश सेवा करना उनका बचपन का सपना रहा है और अब वह सपना साकार होने जा रहा है।
उधर स्कूल के प्रिंसीपल कुंदन ठाकुर ने अनुराग की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि वह शुरू से ही मेहनती और अनुशासित छात्र रहा है। उन्होंने कहा कि अनुराग की उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और आत्मविश्वास हो तो ग्रामीण क्षेत्र का छात्र भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि अनुराग की सफलता केवल स्कूल के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे सिरमौर और प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने अनुराग के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

