प्रदेश भर में मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की हाजिरी अब मोबाइल पर ऑनलाइन फेस रीडिंग के माध्यम से लगाने की योजना बनाई जा रही है।
हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के कार्यों में और अधिक पारदर्शिता लाने की तैयारी चल रही है। मनरेगा में अब घोटाला नहीं हो पाएगा। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की हाजिरी अब फेस रीडिंग से लगेगी। अभी सूबे में मनरेगा मजदूरों की हाजिरी ऑनलाइन मस्टररोल पर लगाकर ऑनलाइन माध्यम से ही एक मस्टररोल में अंकित मजदूरों को ग्रुप में इकट्ठा कर उनकी फोटो को खींच कर अपलोड की जाती है।
प्रदेश भर में मनरेगा कार्यों में श्रमिकों की हाजिरी अब मोबाइल पर ऑनलाइन फेस रीडिंग के माध्यम से लगाने की योजना बनाई जा रही है। सूबे में मनरेगा कार्यों में लगातार हाजिरी के नाम पर फर्जीवाड़े कर घर बैठे लोगों को श्रमिक दिखाकर फर्जीवाड़े की शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा कई श्रमिक मनरेगा मस्टररोल में पंजीकृत होने के बावजूद कार्य स्थल पर नहीं पहुंच रहे। इन्हीं अव्यवस्थाओं को देखते हुए फेस रीडिंग कर हाजिरी की नई व्यवस्था की योजना बनाई जा रही है।
ऐसे लगाई जाएगी हाजिरी
मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम नाम से बनाए विशेष एप में हाजिरी लगाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इस दौरान जो मजदूर काम पर आएगा, उसका चेहरा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद ही उसका मेहनताना जारी होगा। यह एप फर्जी हाजिरियां रोकने के लिए बनाया जा रहा है। भविष्य में यदि मजदूरों के चेहरे में कोई बड़ा बदलाव आता है तो उसको भी बाद में अपडेट किया जाएगा।
चंद्रबीर सिंह, उपनिदेशक एवं परियोजना अधिकारी, डीआरडीए कांगड़ा के बोल
मनरेगा में काम कर रहे मजदूरों की हाजिरी को किस तरह और बेहतर बना सकते हैं। इस बार कार्य चल रहा है। अभी ऑनलाइन माध्यम से हाजिरी लगाई जा रही है। फेस रीडिंग के जरिये हाजिरी लगाने को लेकर काम चल रहा है, ताकि फर्जीवाड़े को रोका जा सके।

