कुनिहार – रजनीश ठाकुर
भारी बारिश के चलते गंभर खड्ड में आए उफान के चलते जहां खड्ड किनारे बने मंदिर व खेत जलमग्न हो गए हैं, वहीं हाल ही में लोकार्पित किए गए पुल को भी खतरा हो गया है। तीन विधानसभा क्षेत्रों को जोडऩे वाले नवनिर्मित बावां-बाड़ी पुल पहली बरसात ही नहीं झेल पाया है।
यह पुल करीब दो माह पूर्व ही प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा जनता को समर्पित किया गया था। लेकिन इस भारी बरसात के चलते पुल के दोनों बड़ी-बड़ी दरारें पड़ रही है और पुल के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने एहतियातन इस पुल से सफर करना छोड़ दिया है।
बता दें कि दून, अर्की व कसौली विधानसभा क्षेत्रों को जोडऩे वाले इस पुल की मांग करीब तीन दशकों से की जा रही थी। करीब 8 वर्ष पूर्व तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय इस पुल का शिलान्यास किया गया था।
लेकिन भाजपा सरकार का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी इस पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। हालांकि प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस सरकार बनते ही इस पुल के निर्माण में तेजी लाई गई थी और 9 मई को
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसका उद्घाटन किया था। लेकिन पुल का शुभारंभ हुए दो माह का ही समय बीता है और अब पहली बरसात में ही यह पुल टूटने लग गया है। पुल की इस हालत पर अब इसके निर्माण कार्य पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

