शिमला, 03 जुलाई – नितिश पठानियां
शहर के स्कूलों में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अब शिक्षा विभाग ने नए कदम उठाए हैं। दरअसल, शिमला शहर के डिप्टी डायरेक्टर की ओर से सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि कोई भी शिक्षक और गैर शिक्षक या कर्मचारी जो स्कूल में तैनात है वह अपना निजी वाहन स्कूल ग्राउंड में खड़ा नहीं कर सकेगा।
ऐसा करने पर पूरे स्टाफ पर कार्रवाई की जाएगी। जिसका जिम्मा स्कूल मुखिया का होगा। पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही है कि स्कूलों में स्टाफ की ओर से निजी वाहन खड़े किए जा रहे हैं। जिसके चलते बच्चों को खेलने में दिक्कत आ रही है।
शहर की बात की जाए तो यहां पर खेल मैदान बहुत छोटे-छोटे हैं। कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर खेल मैदान है ही नहीं। ऐसे में बच्चों को स्पोर्ट्स एक्टिविटीज करवाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है।
वहीं बच्चे भी टाइम में वहां पर खेलकूद नहीं कर सकते क्योंकि वहां पर पूरे स्टाफ की गाडिय़ां पार्क की जाती है। बच्चों को प्रॉपर स्पेस नहीं मिल पा रहा है।
इसी के चलते अब शिक्षा विभाग में सभी स्कूल के प्रिंसिपल को निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी स्टाफ का मेंबर स्कूल प्ले ग्राउंड में गाड़ी पार्क नहीं करेगा।
यदि ऐसा होता है स्कूल मुखिया पर भी कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग समय-समय पर शहर के स्कूलों का निरीक्षण करेगा और देखेगा कि क्या इन आदेशों का पालन हो रहा है या नहीं।

