हरिपुर: यज्ञ व भंडारे के साथ सम्पूर्ण हुई श्रीमद भागवत कथा।
देहरा – शिव गुलेरिया
ऐतिहासिक गांव हरिपुर उपरेट में चल रही श्रीमद भागवत की कथा यज्ञ व भंडारे के साथ सम्पूर्ण हुई।
कथाव्यास पंडित सुमित शास्त्री ने कथासार वर्णन करते हुए कहा कि विषय विकारों से मन को हटाकर ही भगवान का भजन संभव है ।

जीवन में सत्संग मिलने के बाद ही हमे अपने अच्छे बुरे का ज्ञान प्राप्त होता है । जब तक हमारी संसार के पदार्थों के प्रति आसक्ति बनी रहती है।
हमें भगवान की भक्ति अच्छी नहीं लगती और ना ही कथा सत्संग में किसी प्रकार की कोई रुचि होती है। विषयों का चिंतन हमें सन्मार्ग से भटकाता है ।

राजा परीक्षित को जब तक्षक डसने आया तो भगवान का चिंतन व भगवत कथा श्रवण से उनकी पहले ही मुक्ति हो गई।
ये रहे उपस्थित
कथा में ऋतिक,अशोक कुमार, रजत, शुभम, आयना,महक, प्रांजल व अक्षिता ने भाग लिया।

