उपस्वास्थ्य केंद्र धार को भवन तो मिला, स्टाफ नहीं-
ज्वाली – अनिल छांगु
ज्वाली विधानसभा की ग्राम पंचायत बेहि पठियार के उपस्वास्थ्य केंद्र धार का दोमंजिला भवन देखरेख के अभाव में कबूतरखाना बन रहा है। इसमें साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह मकड़ियों के जाले लगे हुए हैं तथा सीढ़ियों सहित अन्य जगहों पर कबूतरों के पंख बिखरे हुए हैं।
इस भवन की साफ-सफाई करने वाला कोई नहीं है। सूत्रों अनुसार उपस्वास्थ्य केंद्र में एक सीएचओ, एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता होता है लेकिन उपस्वास्थ्य केंद्र धार में नियमित तौर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता व पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता का पद रिक्त है।
सफाई कर्मी न होने से हर तरफ धूल ही धूल व मकड़ियों के जाले लगे हुए हैं।उपस्वास्थ्य केंद्र धार में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा कर रह गई हैं। पंचायतवासियों को चिकित्सा सुविधा के लिए पांच किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटला या 8 किलोमीटर दूर कोठीबंडा में जाना पड़ रहा है।

पंचायतवासियों की डिमांड पर करीबन 15-20 साल पहले उपस्वास्थ्य केंद्र धार खोला गया था जोकि पहले जैसे-तैसे भवन के अभाव में चलता रहा। 24अगस्त 2021 को तत्कालीन भाजपा विधायक अर्जुन सिंह ने लाखों की लागत से निर्मित दोमंजिला भवन का उद्घाटन किया था।
उपस्वास्थ्य केंद्र धार को भवन तो मिल गया लेकिन स्टाफ का अभाव है। यह उपस्वास्थ्य केंद्र तालों स्टाफ के अभाव के चलते तालों में ही बन्द रहता है। भवन के अंदर मकड़ियों ने जाले लगा रखे हैं, हर तरफ गंदगी फैली हुई है। लाखों की लागत से निर्मित भवन कबूतरखाना बन रहा है। पंचायतवासियों को इसका कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।
पंचायतवासियों ने कहा कि सरकार घरद्वार चिकित्सा सुविधा देने की बात कर रही है लेकिन उपस्वास्थ्य केंद्र धार में स्टाफ का न होना सरकार के दावों की पोल खोल रही है।
पंचायतवासियों ने कहा कि जब भाजपा की सरकार थी तो इसके बारे में लिखित रूप से तत्कालीन विधायक अर्जुन सिंह को कई बार अवगत करवाया गया लेकिन आश्वासनों के सिवाए कोई हल नहीं निकला।

अब कांग्रेस सरकार बनने पर मंत्री चन्द्र कुमार को इस समस्या से अवगत करवाया गया है। पंचायतवासियों ने कहा कि अगर दो सप्ताह में नियमित स्टाफ की नियुक्ति न हुई तो सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा तथा लोस चुनाव का वहिष्कार किया जाएगा।
सीएमओ डॉ सुशील शर्मा के बोल
इस बारे में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सुशील शर्मा से बात हुई तो उन्होंने कहा कि स्टाफ के अभाव के कारण यह समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

