शाहपुर – नितिश पठानियां
द्रोणाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रैत के छात्र-छात्राओं का तीन दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। गौर हो कि वह कुल्लू – मनाली के हडिंबा टेंपल, अटल टनल, जोगिनी वॉटरफॉल, वशिष्ट टेंपल, शिशु, बिजली महादेव, का शैक्षिक भ्रमण करेंगे ।
इस शैक्षिक भ्रमण पर 39 प्रशिक्षु छात्र व शिक्षक शैक्षिक भ्रमण में भाग लेंगे। शैक्षिक भ्रमण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अपनी सांस्कृतिक विरासत व प्राकृतिक स्त्रोतों के विषय में जागरूकता लाना है।
शैक्षिक भ्रमण के मूल उद्देश्य में भारतीय दर्शन के सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से छात्र-छात्राओं को दिखाना व महसूस करवाना है, ताकि भविष्य में भावी अध्यापक होने के नाते वे आध्यात्मिक मूल्यों को उजागर कर सकें।
बताते चले कि हडिंबा टेंपल, वशिष्ट टेंपल, बिजली महादेव भारतीय दर्शन के आध्यात्मिक सिद्धांत व अद्भुत ईश्वरी शक्ति का प्रत्यक्ष उदाहरण है। आज के संदर्भ में भावी अध्यापकों को इस तरह के देव स्थलों का भ्रमण करवाना अति आवश्यक है। शैक्षिक भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन व आपसी तालमेल की भावना का विकास करना मुख्य उद्देश्य है।
वहीं शैक्षिक भ्रमण की सफलता के आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्थान के अध्यक्ष जी एस पठानियां ने अध्यापक व प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि शैक्षिक भ्रमण का शिक्षा के क्षेत्र में अपना विशेष महत्व है। शिक्षक भ्रमण के द्वारा हमें प्रत्यक्ष रूप से ज्ञान की प्राप्ति होती है। मनोरंजन के द्वारा सीखना शिक्षा का सबसे अच्छा माध्यम है।
संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ० प्रवीण कुमार ने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं के विकास हेतु इस तरह की गतिविधियां नियमित रूप से संस्थान की ओर से आयोजित की जाती है, ताकि भावी अध्यापकों में समाज से सहयोग, समरसता, समाजिक एकता की भावना का विकास हो सके।

