वाह गजब: इन्हें बधाई दीजिए…
मंडी- अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश के मंडी जनपद की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा में अध्ययनरत जुड़वां बहनों ‘मान्या व मन्नत’ ने खुद के जन्मदिन पर ‘मां’ अरुणा महाजन को अनमोल तोहफा दिया है।
तीन साल की उम्र में पिता धर्मपाल महाजन को खो चुकी बेटियों में मान्या ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं के परीक्षा परिणाम की मेरिट सूची में 8वां स्थान प्राप्त किया है, जबकि मन्नत को टॉप-10 में तो नहीं, लेकिन 12वां स्थान मिला है।
एक मिनट बड़ी बहन मन्नत मात्र दो अंक की कमी के कारण टॉप-10 में नहीं आ पाई। मान्या ने 98.94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, मन्नत ने 97.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। जुड़वां बहनों में मान्या व मन्नत को क्रमशः 687 व 683 अंक मिले हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अरुणा महाजन के साथ-साथ परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है।
बातचीत में जुड़वां बेटियों की मां का गला रुंध गया। साथ ही भावुक भी हुई। बड़ी बात ये है कि जुड़वां बेटियां राज्य के दुर्गम इलाके के करसोग उपमंडल स्थित सरकारी स्कूल में पढ़कर ये अनमोल तोहफा लाई हैं।
25 मई 2007 को जन्मीं मन्नत व मान्या ने बताया की, मन्नत जीवन में इंजीनियर बनना चाहती है। मान्या ने डॉक्टर बनने की राह तय की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अरुणा महाजन ने बेटियों को शिमला भेजने का फैसला लिया है।
जुड़वां बहनों की सफलता में चाचा-चाची का भी अमूल्य योगदान है। चाचा-चाची गणित विषय में स्कूल लेक्चरर हैं। परिवार संयुक्त रूप से ही रहता है। परिवार के मुताबिक बहनों ने पढ़ाई के लिए एक टाइम टेबल तय किया हुआ था। एक-दूसरे की कमियों का आकलन भी खुद ही कर लेती थी।

