नगरोटा सूरियां में अधिकारियों की कमी, दो महीने से तहसीलदार की पद खाली, कोटला में नायब तहसीलदर नहीं

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व्यूरो रिपोर्ट

उपतहसील कोटला के बाद अब तहसील नगरोटा सूरियां में तहसीलदार का पद खाली। विधानसभा क्षेत्र जवाली के अधीन उपतहसील कोटला में नायब तहसीलदार की रिटायरमेंट 30 अप्रैल 2023 को हो गई थी, जिससे उपतहसील कोटला बिना नायब तहसीलदार चल रही है।

उपतहसील कोटला को तो नायब तहसीलदार नहीं मिला लेकिन तहसील नगरोटा सूरियां में तहसीलदार का पद खाली हो गया। तहसील नगरोटा सूरियां में पिछले दो माह से तहसीलदार का पद खाली चल रहा था तथा आईएएस मैथ्यू मैत्रा को प्रोबेशनल तौर पर 15 दिन के लिए तहसील नगरोटा सूरियां में बतौर तहसीलदार लगाया गया।

जिससे जैसे-तैसे 15 दिन तक लोगों का तहसील संबंधी कार्य चलता रहा लेकिन समय पूरा होने के कारण अब आईएएस मैथ्यू मैत्रा भी यहां से चली गई, जिससे तहसील नगरोटा सूरियां रामभरोसे हो गई है।

तहसील नगरोटा सूरियां पर पंचायत नगरोटा सूरियां, घाडज़रोट, जरोट, अमलेला, जरपाल, स्पेल, कटोरा, बनतुंगली, बासा, सुगनाड़ा, कथोली, खबल, बरियाल पंचायतें तहसील संबंधी कार्यों के लिए निर्भर है।

नगरोटा सूरियां क्षेत्र की 13 पंचायतों की जनता ने कहा कि अगर नगरोटा सूरियां तहसील में तहसीलदार की नियुक्ति न हुई तो नगरोटा सूरियां क्षेत्रवासियों को भी कोटला क्षेत्रवासियों की भांति तहसील संबंधी कार्यों के लिए ज्वाली तहसील पर निर्भर होना पड़ेगा।

नगरोटा सूरियां क्षेत्र की जनता को 30 किलोमीटर का सफर तय करके तहसील ज्वाली में आना पड़ेगा, जिससे मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ेगी।

नगरोटा सूरियां क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सूक्खु, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह व कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार से जल्द पदों को भरने की मांग की है।

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