दुराना/शाहपुर – अमित शर्मा
पुरानी पैंशन बहाली के मुद्दे पर हिमाचल में कांग्रेस की सत्ता प्राप्ति और भाजपा का सत्ता से बाहर होने के उपरांत कर्नाटका में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से सबक लेते हुए अब मोदी सरकार को केंद्र में सत्ता वापसी के लिए केवल एक ही मुद्दा पुरानी पैंशन बहाली ही सहायक सिद्ध हो सकता है।
क्योंकि अब राजनीति में वह युग गया जब पुराने घिसे पिटे मुद्दों के बल पर चुनाव जीते जाते थे। राजनीति में अब मतदाता अपने हितों को ध्यान में रखते हुए नफा नुकसान भांपकर कर ही वोट डालने में विश्वास करने लगे हैं और मोदी सरकार ने भी लोकसभा के पिछले दो चुनाव नए नए प्रलोभन भरे उज्जवल मुद्दों के आधार पर जीते हैं।
जिस में पहले चुनाव में बन रैंक वन पेंशन आदि और दूसरे चुनावों में चुनाव से ठीक पहले किसान निधि तीन तलाक़ आदि मुद्दे लागू करना चुनाव में जीत केलिए अचूक वाण सिद्ध हुए।
अतः अब सत्ता में वापसी को लेकर केंद्र की मोदी सरकार चुनाव से पहले पुरानी पैंशन लागू कर भी दे तो कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी। क्योंकि जीत केलिए सबकुछ मुमकिन है।

