आरोपियों का कहना है कि वह हिमाचल से भी नकली दवाएं लाकर ओडिशा समेत अन्य राज्यों में बेचते थे। बीते नवंबर माह में भी बद्दी में नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ था।
व्यूरो रिपोर्ट
नकली दवाओं की खेप ओडिशा सप्लाई करने के आरोप में वाराणसी में पकड़े गए नकली नकली दवाओं के गिरोह से एक बार फिर हिमाचल के दवा उद्योगों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओडिशा में पकड़े गए पांच अंतरराज्यीय दवा गिरोह के सदस्यों ने नकली दवाओं को लेकर हिमाचल का भी नाम लिया है।
आरोपियों का कहना है कि वह हिमाचल से भी नकली दवाएं लाकर ओडिशा समेत अन्य राज्यों में बेचते थे। बीते नवंबर माह में भी बद्दी में नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ था।
आगरा के रहने वाले वाले कुछ व्यक्तियों ने यहां पर फर्जी दवा कंपनी खोली थी और उसकी आड़ में वह यहां पर नकली दवाओं का निर्माण कर रहे थे।
इस दौरान ड्रग्स विभाग ने जहां बद्दी में नकली दवाएं बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़ किया था, वहीं आगरा के कई ठिकानों पर छापे मारकर नकली दवाओं की भारी खेप भी बरामद की थी।
यहां पर ड्रग्स विभाग अगर समय-समय पर छापेमारी करें तो नकली दबाव बनाने वाले इस तरह के गिरोह यहां पर पनप नहीं सकेंगे। हालांकि जिस तरह से आरोपियों ने हिमाचल का नाम लिया है।
इससे साफ है कि अभी भी हिमाचल के बद्दी समेत अन्य जगहों पर नकली दबाव बनाने वाले गिरोह सक्रिय हो सकते हैं और वहां फर्जी दवा कंपनियों की आड़ में यहां पर नकली दवाओं का निर्माण करके देशभर में सप्लाई करने में जुटे हुए हैं।
600 दवा उद्योग, 350 से ज्यादा बद्दी में
हिमाचल में 600 से ज्यादा दवा उद्योग है जिसमें 350 से ज्यादा अकेले बद्दी में स्थापित है। देशभर को बीबीएन से हर साल करोड़ों रुपये की दवाएं सप्लाई होती है। यहां पर कई नामी कंपनियों के उद्योग स्थापित किए गए हैं।
ऐसे में इन नामी कंपनियों की आड़ लेकर कुछ गिरोह यहां पर नकली दवाएं बनाने का कार्य भी कर रहे हैं। जिसका खुलासा बीते नवंबर में दवा विभाग कर चुका है।

